भारत की हॉकी टीम ने इस राष्ट्रीय आकांक्षा को पूरा किया और इस प्रक्रिया में लगातार चौथा ओलंपिक स्वर्ण पदक जीता. इससे पहले वह 1928 में एम्स्टर्डम, 1932 में लॉस एंजिल्स और 1936 में बर्लिन में शीर्ष सम्मान जीत चुकी थी. यह स्वर्णिम यात्रा 1948 में नहीं रुकी, बल्कि 1964 तक जारी रही, जिसमें 1960 में एक संक्षिप्त रजत पदक का अंतराल भी शामिल था.