2019 में जिसने हराया, अब वही BJP का गेमचेंजर:70% हिंदू आबादी वाले जहीराबाद में पहली बार जीत की उम्मीद

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30 अप्रैल को PM मोदी तेलंगाना के जहीराबाद में थे। यहां हुई रैली के दौरान उन्होंने ये 3 बयान दिए। 1. 'तेलंगाना में हमारे त्योहारों पर रोक लगाने की कोशिश हो रही है। हैदराबाद में रामनवमी की शोभायात्रा पर प्रतिबंध लगाया जाता है, ताकि वोटर नाराज न हो जाएं।' 2. 'कांग्रेस ने तेलंगाना में SC-ST और OBC समुदाय की चिंता करने की जगह उनके आरक्षण पर डाका डालना शुरू कर दिया। कांग्रेस ने सबके हक का आरक्षण मुसलमानों को दे दिया। मैं जब तक जिंदा हूं, मुस्लिमों को धर्म के नाम पर आरक्षण नहीं लेने दूंगा।' 3. 'अयोध्या में प्रभु राम के मंदिर का इंतजार 500 साल से था। जो मंदिर आजादी के तुरंत बाद बनाया जाना था, वो सपना दिल्ली में मजबूत सरकार होने के कारण आंखों के सामने पूरा हुआ। राम मंदिर मोदी ने नहीं बनाया, ये आप सबके एक वोट ने बनाया है।' तेलंगाना के हिंदू बहुल जहीराबाद को दक्षिण की काशी भी कहते हैं। यहां रहने वाले 70% हिंदुओं में लिंगायत और मराठा समुदाय के लोग हैं, जिन्हें BJP अपना वोट बैंक मानकर चल रही है। लिहाजा, लोकसभा चुनाव की वोटिंग से 13 दिन पहले तेलंगाना आए PM मोदी ने अपनी पहली जनसभा के लिए जहीराबाद को ही चुना। तेलंगाना में 13 मई को सभी 17 सीटों पर वोटिंग होनी है। जहीराबाद सीट से BJP ने बीबी पाटिल को उतारा है, जो 2019 के चुनाव में BRS के टिकट पर जीते थे। BRS ने गली अनिल कुमार और कांग्रेस ने सुरेश कुमार शेतकर पर दांव लगाया है। BJP के लिए जहीराबाद का चुनाव जीतना इतना अहम क्यों है, PM ने जहीराबाद को ही रैली के लिए क्यों चुना, दैनिक भास्कर ने इसकी पड़ताल की। सबसे पहले जहीराबाद के सियासी मायने 1. जहीराबाद में भगवान शिव का प्राचीन केथकी संगमेश्वर स्वामी मंदिर है। मान्यता है कि यहां शिवलिंग की स्थापना खुद ब्रम्हा ने की थी। इसी तीर्थ की वजह से जहीराबाद को दक्षिण की काशी की पहचान मिली है। यहां के हिंदू वोटर्स के लिए धर्म बड़ा चुनावी फैक्टर है। अब तक ये वोट बैंक BRS के पास था, अब BJP इस पर पकड़ मजूबत कर रही है। 2. 2014 से जहीराबाद से सांसद रहे BRS नेता बीबी पाटिल अब BJP में हैं। 2019 में उन्हें 4.3 लाख वोट मिले थे। उनके BJP में आने से पार्टी का वोट काउंट बढ़ेगा। 3. जहीराबाद की कामारेड्डी सीट पर 2023 के विधानसभा चुनाव में BJP के उम्मीदवार वेंकेट रमन्ना रेड्डी ने पूर्व मुख्यमंत्री KCR और मौजूदा मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को हराया था। 4. 2019 लोकसभा चुनाव में BJP को जहीराबाद सीट से 1.38 लाख वोट मिले थे। पार्टी को यकीन है कि इसमें 1 लाख कमिटेड वोटर्स हैं, जो BJP को ही वोट देंगे। अगर इनमें बीबी पाटिल को पिछले चुनाव में मिले 4 लाख वोट जोड़ दिए जाएं तो जहीराबाद में पार्टी की एकतरफा जीत हो सकती है। जहीराबाद के लिंगायत-मराठा वोटबैंक पर BJP की नजर जहीराबाद सीट महाराष्ट्र और कर्नाटक की सीमा से सटी है। यही वजह है कि यहां मराठा और लिंगायत समुदाय के लोगों की संख्या ज्यादा है। ये वो लोग हैं जिनकी पीढ़ियां निजामों के समय से यहां रह रही हैं। इनमें ज्यादातर छोटे व्यापारी और गन्ना किसान हैं। कर्नाटक में BJP मजबूत है। महाराष्ट्र में पार्टी स्टेबल है। इन्हीं राज्यों से सटे तेलंगाना के जहीराबाद रीजन पर PM मोदी का फोकस सबसे ज्यादा है। जहीराबाद लोकसभा सीट 2008 में बनी थी। इस सीट में मेडक जिले की तीन और कामारेड्डी जिले की चार विधानसभा सीट शामिल हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 7 में से 4 सीटें जीती थीं। 2 सीटें BRS और एक सीट BJP को मिली थी। जहीराबाद सीट आज तक नहीं जीत पाई BJP तेलंगाना राज्य बनने से पहले 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में जहीराबाद से कांग्रेस जीती थी। इसके बाद 2014 और 2019 का चुनाव BRS कैंडिडेट बीबी पाटिल ने जीता। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले BRS फिर से जहीराबाद सीट जीतने को लेकर कॉन्फिडेंट थी, लेकिन 1 मार्च, 2024 को बीबी पाटिल ने BJP जॉइन कर सभी को चौंका दिया। पाटिल के BJP में आने से जहीराबाद में पार्टी को खाता खुलने की उम्मीद है। तेलंगाना की 17 लोकसभा सीटों में से 4 BJP के पास हैं। जहीराबाद से सटी करीमनगर और निजामाबाद सीट पर पार्टी के दो बड़े नेता बंदी संजय कुमार और अरविंद धर्मपुरी सांसद हैं। ऐसे में अगर बीबी पाटिल ये सीट जीत जाते हैं, तो तेलंगाना के साथ-साथ साउथ में BJP एक एक्स्ट्रा सीट जीत लेगी। BRS के बड़े चेहरों की मोदी ब्रांडिंग BJP की स्ट्रैटजी तेलंगाना में PM मोदी की रैलियों के असर पर सीनियर जर्नलिस्ट उमा सुधीर कहती हैं, ‘राजनीति में पहले कर्नाटक को साउथ का एंट्री गेट माना जाता था, लेकिन अब ये जगह तेलंगाना ने ले ली है। BJP अपने मिशन साउथ को लेकर तेलंगाना में एक्टिव है। इसमें सबसे बड़ा फैक्टर PM मोदी हैं, क्योंकि नॉर्थ की तरह ही साउथ के राज्यों में उनकी अच्छी पॉपुलैरिटी है।' 'मोदी खुद तेलंगाना को बड़ी पॉलिटिकल अपॉर्च्युनिटी मान रहे हैं। उन्हें भरोसा है कि BJP यहां सीटें डबल कर सकती है। प्रदेश की सबसे बड़ी पार्टी BRS का डाउनफॉल चल रहा है। BJP इसी मौके को भुनाने में लगी हुई है।’ PM क्यों तेलंगाना पर फोकस कर रहे हैं? इस सवाल पर उमा कहती हैं, ‘तेलंगाना में BJP को मजबूत पार्टी नहीं माना जाता, इसलिए यहां PM ने खास स्ट्रैटजी अपनाई है।’ ‘चुनाव से 13 दिन पहले PM मोदी का जहीराबाद और मेडक आने का मकसद KCR के गढ़ में सेंध लगाना है। यही दो सीटें हैं, जहां BRS कांग्रेस से ज्यादा मजबूत है। KCR को चुनौती देने के लिए BJP ने सबसे पहले उन्हीं की पार्टी के दिग्गज नेता बीबी पाटिल को अपने खेमे में शामिल किया। 'अब वोटिंग से पहले मोदी उनके प्रचार के लिए जहीराबाद जाकर रैली कर रहे हैं। इससे BJP को इस सीट पर वो पुश मिलेगा, जो कभी BRS को मिलता था।’ सीनियर जर्नलिस्ट दिनेश अकूला कहते हैं, ‘सिर्फ तेलंगाना में नहीं बल्कि पूरे देश में PM मोदी को लेकर यही माहौल है। लोकसभा चुनाव में मोदी से बड़ा दूसरा चेहरा नहीं होता। इस बार BJP ने नया स्लोगन दिया है- 'मोदी की गारंटी'। इसका इस्तेमाल राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में भी किया गया।’ लोग बोले- PM की रैली से लिंगायत वोटर्स का भरोसा बढ़ेगा हमने जहीराबाद में PM की रैली में आए लोगों से बात की। ज्यादातर लोगों ने मोदी के जहीराबाद आने से BJP को फायदा मिलने की बात कही। जहीराबाद में 20 साल से वकालत कर रहे बी. सुरेश कहते हैं, ‘धार्मिक लिहाज से देखा जाए तो जहीराबाद तेलंगाना का सेंटर पॉइंट है। यहां जहीरा संगम का पवित्र मंदिर है। इसलिए इसे साऊथ की काशी भी कहते हैं।’ ‘PM मोदी ने अपने भाषण में जहीराबाद के OBC, SC समुदाय के साथ लिंगायत और बंजारा लोगों को रिजर्वेशन की कैटेगरी में लाने की बात कही। उन्होंने मंच से साफ कहा कि धर्म के आधार पर मुस्लिमों को कभी आरक्षण नहीं दिया जाएगा। मोदी की स्पीच से तेलंगाना में पोलराइजेशन हो सकता है। इससे BJP की सीट डबल डिजिट में पहुंच सकती हैं।’ जहीराबाद लोकसभा सीट में आने वाले कामारेड्डी में रहने वाली बालामनी कहती हैं, ‘मैं लिंगायत समुदाय में हूं। PM मोदी ने भाषण में मेरी कम्युनिटी के लिए कई बातें कहीं। यहां कांग्रेस और BRS के कई नेता आ चुके हैं, लेकिन किसी ने हमारे लिए बड़ी घोषणा नहीं की। BJP से हमें सिलेंडर, फ्री राशन और नए वॉशरूम की सुविधा मिल रही है। अब मोदी ने वादा किया है कि अगर BJP जीतेगी तो लिंगायत समुदाय को भी रिजर्वेशन मिलेगा। इससे लगता है कि PM को हमारी परवाह है।’ जहीराबाद के अंडोल कस्बे में रहने वाले बंडी वेंकटेश कहते हैं, ‘PM ने जहीराबाद कैंडिडेट बीबी पाटिल और मेडक सीट से कैंडिडेट रघुनंदन राव के लिए प्रचार किया। दोनों ही नेताओं की अपने क्षेत्र में अच्छी पकड़ है। बीबी पाटिल 10 साल से यहां के सांसद हैं। उन्होंने जहीराबाद के गांवों में पक्की रोड बनवाईं। नया रेलवे स्टेशन और बस स्टॉप बनवाया। गरीबों को राशन दिया।’ बीबी पाटिल BJP के लिए X-फैक्टर सीनियर जर्नलिस्ट उमा सुधीर कहती हैं, ‘पहली बात ये है कि बीबी पाटिल लंबे वक्त से जहीराबाद के सांसद हैं। एरिया में उनकी अच्छी पकड़ है। दूसरी तरफ चुनाव से ठीक पहले BRS के कई बड़े चेहरे पार्टी छोड़कर BJP और कांग्रेस में चले गए। इस वजह से उन्हें बीबी पाटिल के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए कोई मजबूत कैंडिडेट नहीं मिला।' 'आखिरकार BRS ने जहीराबाद सीट से गली अनिल कुमार को टिकट दिया है, लेकिन वो भी BJP कैंडिडेट के मुकाबले कमजोर नजर आ रहे हैं। इससे BB पाटिल के चुनाव जीतने के चांस ज्यादा दिख रहे हैं।’ उमा सुधीर बताती हैं, ‘पहले साउथ में राम मंदिर और हिंदुत्व के मुद्दे इतना प्रभाव नहीं रखते थे, लेकिन धीरे-धीरे हवा बदल रही है। अब यहां रामनवमी, हनुमान जयंती बड़े जोर-शोर से मनाई जाती हैं। त्योहारों पर जो रैलियां निकलती हैं, उनमें धर्म के सहारे युवाओं को जोड़ने का काम तेजी से होता है। हैदराबाद में भाग्यलक्ष्मी मंदिर और सिकंदराबाद के महालक्ष्मी मंदिर को BJP ने एडॉप्ट कर लिया है।’ उमा आगे कहती हैं, ‘चुनाव के दौरान PM मोदी, अमित शाह से लेकर बड़े लीडर यहां आते रहे हैं। कुल मिलाकर BJP ने तेलंगाना में मंदिर पॉलिटिक्स को फिर से जिंदा कर दिया है, जो पहले साउथ में कम नजर आती थी। इससे कोर हिंदू वोटर्स में मैसेज गया है कि BJP वो पार्टी है जो उनके साथ खड़ी है।’ 70% हिंदू वोटर्स के एकजुट होने से BJP को फायदा जहीराबाद सीट पर हिंदू वोटर्स सबसे ज्यादा प्रभाव रखते हैं। BJP कैंडिडेट बीबी पाटिल खुद लिंगायत समुदाय से हैं और उनका हिंदू वोटर्स के बीच अच्छा प्रभाव है। BJP उनके दम पर यहां के हिंदुओं को एकजुट करना चाहती है। यही वजह रही कि जब PM जहीराबाद में जनसभा करने पहुंचे तो बीबी पाटिल ने उनका स्वागत भगवान राम की चांदी से बनी मूर्ति देकर किया। PM ने भी अपने भाषण में राम मंदिर, हैदराबाद में रामनवमी पर हुए बवाल और मुस्लिम समुदाय को मिलने वाले आरक्षण का मुद्दा उठाया। जहीराबाद में PM की रैली में मिले एक सीनियर जर्नलिस्ट कहते हैं, ‘राममंदिर उद्घाटन के समय तेलंगाना से 10 से ज्यादा ट्रेनें अयोध्या दर्शन के लिए चलाई गई थीं। तब मेडक, करीमनगर और जहीराबाद के सबसे ज्यादा लोगों ने UP जाने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया था।' 'इस सीट पर 70% हिंदुओं की आबादी है, जो तेलंगाना में किसी दूसरी लोकसभा सीट में नहीं है। बीबी पाटिल के BJP में आने से तेलंगाना में पार्टी का विनिंग पर्सेंटेज बढ़ेगा।' अब जानते हैं पॉलिटिकल पार्टीज क्या कह रहीं BJP: PM मोदी के काम को जन-जन तक पहुंचाना है तेलंगाना BJP के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी कहते हैं, ‘BJP सरकार किसानों के बैंक खातों में हर साल 6 हजार रुपए जमा कर रही है। गरीबों को मुफ्त राशन से लेकर गैस सिलेंडर और टॉयलेट्स दिए गए हैं। यहां नेशनल हाईवे बनाने के लिए केंद्र से राशि दी गई। इन्हीं सब बातों को हम जनता के बीच ले जा रहे हैं।’ कांग्रेस: BJP के दिग्गजों के दौरों का नहीं होगा असर तेलंगाना की पूर्व मंत्री और कांग्रेस की वाइस प्रेसिडेंट पुष्पलीला कहती हैं, ‘मोदी के रोड शो का पूरे तेलंगाना में कोई असर नहीं दिखता। उनसे पहले अमित शाह और जेपी नड्डा भी यहां आ चुके हैं।’ BRS: तेलंगाना में BJP जमीनी तौर पर मजबूत नहीं हैदराबाद सीट से BRS कैंडिडेट गद्दाम श्रीनिवास कहते हैं, ‘तेलंगाना की 17 सीटों पर BJP कहीं भी जमीनी तौर पर मजबूत नहीं है। PM मोदी जब भी यहां आते हैं, अपने बयानों की वजह से मीडिया में हाइप बनाने की कोशिश करते हैं। ये सब करके उनकी पार्टी को कोई फायदा नहीं मिल सकता।’ AIMIM: प्रधानमंत्री के रोड शो का कोई असर नहीं होगा असदुद्दीन औवेसी कहते हैं, ‘BJP के पास एक ही स्टार कैंपेनर है नरेंद्र मोदी। वो यहां आकर पार्टी का काम कर रहे हैं और ऐसा नहीं है कि वे पहली बार यहां आए थे। इससे पहले विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री ने यहां रोड शो किया था। बावजूद इसके BJP को बड़ी कामयाबी नहीं मिल पाई। 2019 लोकसभा चुनाव से पहले भी मोदी आए थे, लेकिन उनके आने से यहां कोई फर्क नहीं पड़ता।’ .......................................... ये खबरें भी पढ़ें
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