अभिमन्यु ईश्वरन नाम का ये बल्लेबाज पिछले 4 साल से अपनी बारी का इंतजार कर रहा था वो टीम के ट्रैवल करता था नेट्स पर मेहनत करता था और मैदान पर पसीना भी बहाता रहा इस उम्मीद के साथ की शायद कभी टीम मैनेजमेंट का मन बदल जाए . मन तो बदला पर खिलाने के लिए नहीं टीम से बाहर करने के लिए क्योंकि वेस्टइंडीज के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों के लिए जो टीम चुनी गई उसमें अभिमन्यु ईश्वरन का नाम नहीं है.