Flashback: क्रिकेट का इतिहास बहुत पुराना है. इस खेल में नियम को लेकर बदलाव होते रहते हैं. मॉडर्न क्रिकेट में आईसीसी ने कई नए नियम लागू किए हैं. इनमें से एक है डीआरएस. वर्ल्ड क्रिकेट में इसका इस्तेमाल पहली बार 16 साल पहले हुआ था. इस नियम के आने से बल्लेबाज और गेंदबाजों की चांदी है. दोनों इस नियम का इस्तेमाल को चैलेंज कर सकते हैं. अगर किसी गेंदबाज को लगता है कि बल्लेबाज आउट है, और उसकी अपील पर फील्ड अंपार नॉटआउट का फैसला सुनाता है तो फिर बॉलर इसे चैलेंज कर सकता है. इसके बाद फैसला थर्ड अंपायर को देना होता है जो आधुनिक तकनीक यानी डीआरएस के माध्यम से सुनाता है. इसी तरह बल्लेबाज को भी जब लगता है कि वह नॉट आउट है और मैदानी अंपायर उसे आउट देता है तो फिर बैटर इस फैसले को चैलेंज कर सकता है.