ग्रीन के फिटनेस के मामले में क्या केकेआर को इसकी जानकारी पहले से दी गई थी. अगर नहीं तो ऐसी स्थिति में यह जरूरी हो जाता है कि केकेआर को बीसीसीआई के पास अपील करने का अधिकार मिले और ग्रीन की सैलरी में अनुपातिक कटौती की जाए. वह टीम के साथ पूरी भूमिका निभाने में सक्षम नहीं हैं, तो उन्हें पूरी रकम मिलना भी सही नहीं है. आईपीएल कोई मुफ्त का मंच नहीं है, बल्कि यह एक बेहद प्रतिस्पर्धी टूर्नामेंट है, जहां हर खिलाड़ी को अपनी कीमत साबित करनी होती है.