उच्च प्रदर्शन वाला यह खेल 95 प्रतिशत तक दिमाग़ में खेला जाता है क्या पाकिस्तान मानसिक रूप से फाइनल के लिए तैयार होगा क्या उनमें एक मज़बूत भारतीय टीम का सामना करने की क्षमता है सवाल बड़ा है चलिए उदाहरण के लिए, बांग्लादेश के ख़िलाफ़ पाकिस्तान का प्रदर्शन औसत रहा एक अच्छी टीम 135 रनों का लक्ष्य आसानी से हासिल कर लेती, लेकिन बांग्लादेश ही धराशायी हो गया. भारत के ख़िलाफ़ पाकिस्तान को दूसरा मौका कभी नहीं मिलेगा भारतीय बल्लेबाज़ी इकाई इसे पूरी तरह से भुनाने की कोशिश करेगी और यही बात मुझे फिर से इस सवाल पर ले आती है कि क्या पाकिस्तान मानसिक रूप से इसके लिए तैयार होगा.