आंध्र प्रदेश में खेला करेगी चंद्रबाबू-मोदी-पवन की तिकड़ी:22 से 11 सीट पर आ सकती है CM जगन की पार्टी, कांग्रेस को खाता खुलने की उम्मीद

1 year ago 8
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‘जगन मोहन रेड्डी ने अपने बबई (चाचा) का मर्डर करवा दिया, क्या अब वे अपने बचे हुए परिवार को भी मार देंगे। मैं जगन से पूछता हूं, क्या इसी तरह आंध्र प्रदेश को बर्बाद करके मानेंगे।’- नारा लोकेश, आंध्र प्रदेश के पूर्व CM चंद्रबाबू नायडू के बेटे और तेलुगु देशम पार्टी के नेशनल सेक्रेटरी ‘मेरा भाई जगन मुख्यमंत्री बनने के बाद बिल्कुल बदल गया है। मेरा भाई उन लोगों को बचा रहा है, जिन्होंने मेरे चाचा की हत्या की। जगन अपने चाचा के हत्यारों को बचा रहे हैं।’ - YS शर्मिला, आंध्र प्रदेश के CM जगन मोहन रेड्डी की बहन और कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष इन 2 बयानों में आंध्र प्रदेश का सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा छिपा है। इसी पर CM जगनमोहन रेड्डी का परिवार बंट गया। लोग जगन को पसंद करते हैं, उनकी योजनाओं से खुश हैं, लेकिन इस बार विपक्षी पार्टी TDP ने मजबूत घेराबंदी की है। BJP और साउथ के सुपरस्टार पवन कल्याण की पार्टी जनसेना भी उसके साथ हैं। CPI और CPI(M) के साथ कांग्रेस राज्य में तीसरी बड़ी ताकत है। आंध्र प्रदेश की 25 लोकसभा सीटों पर चौथे फेज में 13 मई को चुनाव हैं। जगन मोहन रेड्डी की पार्टी YSR कांग्रेस यहां 2019 से सरकार चला रही है। आंध्र प्रदेश में घूमते हुए, लोगों और एक्सपर्ट्स से बात करने के बाद ये समीकरण समझ आते हैं… 1. जगनमोहन रेड्डी की पार्टी YSR कांग्रेस 25 में से 11 सीटों पर मजबूत है। करप्शन और डेवलपमेंट के मुद्दे पर लोग नाराज हैं, एंटी इनकम्बेंसी भी है, लेकिन सरकार की 9 रत्न वेलफेयर स्कीम्स इन मुद्दों पर भारी हैं। 2. चंद्रबाबू नायडू की पार्टी TDP के लिए ये सत्ता में वापसी की लड़ाई है। चंद्रबाबू नायडू सुपर-6 वेलफेयर स्कीम्स के भरोसे प्रचार कर रहे हैं। उनके अलायंस को 9 से 10 सीटें मिल सकती हैं। हालांकि BJP को 6 सीटें देना TDP को भारी पड़ सकता है। 3. हार या जीत, BJP दोनों स्थितियों में फायदे में रहेगी। राज्य में विधानसभा के चुनाव भी हैं, अगर अलायंस की जीत होती है तो BJP सत्ता में रहेगी। अगर हारती है तो उसे राज्यसभा में YSR कांग्रेस का समर्थन मिल ही रहा है। BJP इस बार लोकसभा की एक सीट जीत सकती है। 4. कांग्रेस CPI और CPI(M) के साथ चुनाव लड़ रही है। जगनमोहन रेड्डी की बहन YS शर्मिला के शामिल होने से पार्टी को मजबूती मिली है। हालांकि पार्टी को एक ही सीट मिलती दिख रही है। BJP को 92% हिंदू वोटर्स वाली राजमुंदरी सीट से उम्मीद आंध्र प्रदेश में BJP को सबसे ज्यादा उम्मीद राजमुंदरी सीट से है। यहां 92% हिंदू वोटर्स हैं। इनमें से 40% से ज्यादा कम्मा कम्युनिटी के हैं। पार्टी ने यहां से साउथ की सुषमा स्वराज कही जाने वालीं डी. पुरंदेश्वरी को उतारा है। पुरंदेश्वरी कम्मा समुदाय से आती हैं। वे तेलुगु देशम पार्टी के संस्थापक एनटी रामाराव की बेटी हैं। PM मोदी यहां रैली कर चुके हैं। पार्टियों और थर्डफ्रंड का गणित समझने के बाद हमने एक्सपर्ट्स से कुछ सवालों के जवाब पूछे, पढ़िए उन्होंने क्या बताया। सवाल: आंध्र प्रदेश में कौन सी पार्टी सबसे ज्यादा मजबूत है? जवाब: इंडियन एक्सप्रेस और डेक्कन क्रॉनिकल जैसे अखबारों में काम कर चुके सीनियर जर्नलिस्ट मोहम्मद इलियास कहते हैं, 'BJP-TDP-जनसेना का गठबंधन होने से पहले YSR कांग्रेस मजबूत दिख रही थी। अब मुकाबला कड़ा है। विपक्ष में होने के बावजूद NDA मजबूत लग रहा है। पिछले चुनाव में TDP और YSR कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी थीं। TDP के पास 40% तो YSR कांग्रेस के पास 49% वोट शेयर था। BJP को 0.98%, कांग्रेस को 1.3% और जनसेना को 5.87% वोट मिले थे। इस हिसाब से 2019 में NDA का वोट शेयर करीब 47% था। मुझे लगता है 25 सीटों में YSR कांग्रेस को 13 और NDA को 11 सीट मिल सकती हैं।’ आंध्र प्रदेश के बेंजसर्किल को मीडिया हब कहा जाता है। यहां मिले पॉलिटिकल एनालिस्ट कृष्ण मोहन बताते हैं, ‘YSR कांग्रेस मार्च से ही कैंपेन कर रही है। CM जगन मोहन रेड्डी गांवों में पद यात्रा कर रहे हैं। लोगों को अपनी वेलफेयर स्कीम्स के बारे में बता रहे हैं। इसे देखते हुए लग रहा है कि YSR कांग्रेस को 25 में से 15 सीटें मिल सकती हैं। 10 सीट NDA ले जाएगा। कांग्रेस 0 सीट पर अटक जाएगी।’ पवन कल्याण के असर वाले मछ्लीपट्टनम में NDA मजबूत TDP और BJP को साथ लाने के पीछे जनसेना प्रमुख पवन कल्याण की बड़ी भूमिका है। पवन तेलुगु सिनेमा के बड़े एक्टर रहे हैं। उनकी फैन फॉलोइंग है। पवन ने अपने प्रभाव वाली मछ्लीपट्टनम सीट पर YSR कांग्रेस से आए वल्लभनेनी बालाशोवरी को टिकट दिया है। पवन की वजह से NDA नॉर्थ और कोस्टल आंध्र में मजबूत हो रहा है। जनसेना को गठबंधन ने 2 सीटें दी हैं। सवाल: BJP से गठबंधन के बाद TDP से माइनॉरिटी वोटर दूर हो रहे हैं? जवाब: आंधप्रदेश के लोकल न्यूज नेटवर्क K9TV के CEO शफी अहमद का मानना है कि TDP बिना गठबंधन के चुनाव में उतरती, तो जीत के चांस ज्यादा थे। BJP से गठबंधन के बाद माइनॉरिटी, SC-ST और बैकवर्ड क्लास के वोटर्स TDP से छिटक कर YSR कांग्रेस के पास चले जाएंगे। शफी कहते हैं, ‘आंध्र में 10 से 12 लोकसभा सीटों पर माइनॉरिटी वोटर्स प्रभाव रखते हैं। चुनाव के पहले ये चंद्रबाबू नायडू के साथ दिख रहे थे। BJP के साथ अलायंस के बाद अल्पसंख्यकों का झुकाव TDP की तरफ कम हुआ है।’ CM जगन पदयात्रा के दौरान गांव की महिलाओं से पूछ रहे हैं कि उन्हें अम्मा ओडी स्कीम का पैसा मिला कि नहीं। अम्मा ओडी स्कीम में राज्य सरकार 12वीं तक पढ़ने वाले बच्चों की मांओं को हर साल 15 हजार रुपए दे रही है। ये योजना माइनॉरिटी वर्ग के साथ-साथ SC-ST और बैकवर्ड क्लास की महिलाओं के लिए है। सवाल: क्या कांग्रेस का खाता खुल पाएगा? जवाब: सीनियर जर्नलिस्ट शफी अहमद कहते हैं, ‘2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 42 में से 33 सीटें जीती थीं। 2014 में 33 में से 2 सीटें मिलीं और 2019 में पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई। आंध्र प्रदेश में गिरते ग्राफ को संभालने के लिए कांग्रेस ने CM जगन रेड्डी की बहन YS शर्मिला को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। वे कडपा सीट से चुनाव लड़ रही हैं।’ ‘YS शर्मिला का मुकाबला चचेरे भाई अविनाश रेड्डी से है। प्रचार के दौरान शर्मिला 2019 में हुए अपने चाचा और सांसद विवेकानंद रेड्डी के मर्डर का मामला उठा रही हैं। शर्मिला लोगों से कह रही हैं कि आप मेरे भाई की पार्टी को वोट मत दीजिए। वे विवेकानंद रेड्डी के हत्यारों के साथ हैं। सांसद विवेकानंद रेड्डी की हत्या में अविनाश रेड्डी का नाम आया था, जिसे जगन ने कडपा सीट से कैंडिडेट बनाया है।’ सवाल: CM जगन पर करप्शन के आरोप हैं। क्या इसका असर चुनाव पर पड़ेगा? जवाब: TDP के राष्ट्रीय प्रवक्ता पट्टाभि राम बताते हैं, '2014 के चुनाव से पहले जगन के ऊपर एक हजार करोड़ रुपए का करप्शन करने के आरोप थे। जगन पर आज भी CBI के 12 और ED के 6 से ज्यादा केस हैं। वे 16 महीने जेल में रहे और अभी जमानत पर बाहर हैं।' 'उन्होंने मुख्यमंत्री बनने के बाद लाखों करोड़ का भ्रष्टाचार किया है। सिर्फ शराब में ही एक लाख करोड़ की लूट हुई है। इस चुनाव में करप्शन का मुद्दा जगन को कुर्सी से हटा देगा।’ अब पढ़िए पॉलिटिकल पार्टियां क्या कह रही हैं... BJP-TDP: 21 से 22 सीटें जीतेंगे, YSR कांग्रेस के कैंडिडेट जमानत नहीं बचा पाएंगे TDP के नेशनल स्पोक्सपर्सन पट्टाभि राम कहते हैं, ‘TDP, BJP और जनसेना का अलायंस 21 से 22 सीट जरूर जीतेगा। लोग चंद्रबाबू नायडू को दोबारा मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं। कांग्रेस का चुनाव में प्रभाव नहीं हैं। 2014 के बाद से उसने पूरा बेस खो दिया है। पार्टी के पास कोई लीडरशिप नहीं है।’ ‘एक महीने पहले कांग्रेस ने YS शर्मिला को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है, लेकिन चुनाव में उनका असर नहीं दिखेगा। YSR कांग्रेस के सांसद और मंत्री खुद डर रहे हैं कि जमानत जब्त न हो जाए।’ विजयवाड़ा के BJP प्रेसिडेंट श्रीराम कहते हैं, ‘2014 में BJP, TDP और जनसेना साथ लड़ीं और जीती थीं। इस बार भी हमारा गठबंधन जीतने वाला है। हमें 25 में से 22 सीटें मिलती दिख रही हैं।’ YSR कांग्रेस: अलायंस का असर नहीं, हम सभी 25 सीटें जीतेंगे YSR कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता नारायण मूर्ति कहते हैं, ‘जगन सरकार ने 9 रत्न योजनाओं के तहत 5 साल में महिलाओं, बुजुर्गों और स्टूडेंट्स के बैंक खातों में 2.7 हजार करोड़ रुपए भेजे हैं। हम कॉन्फिडेंट हैं कि इस बार सभी 25 सीटें जीतने वाले हैं।’ कांग्रेस: पहले से ज्यादा सीटें आएंगी, BJP का जगन के लिए सॉफ्ट कॉर्नर आधंप्रदेश में लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने AICC मेंबर मनोज चौहान को ऑब्जर्वर बनाया है। वे कहते हैं, ‘आंध्र प्रदेश में हम कांग्रेस की गारंटी के साथ जा रहे हैं। पिछली बार हमारा वोट परसेंटेज कम था। इस बार हम ज्यादा सीटें जीतेंगे।’ NDA और कांग्रेस का जगन से सवाल: WHO KILLED BABAI NDA हो या फिर कांग्रेस, दोनों के नेता चुनावी कैंपेन में CM जगन से पूछ रहे हैं - ‘WHO KILLED BABAI’. दरअसल, 14 मार्च, 2019 को जगन के चाचा और कडपा सीट से सांसद विवेकानंद रेड्डी की उनके घर में हत्या कर दी गई थी। लोकसभा चुनाव से पहले जगन ने मामले की CBI जांच कराने की मांग की थी। CM बनने के बाद केस लोकल पुलिस को सौंप दिया। तभी से ये मामला आंध्र प्रदेश की सियासत का सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। लोग बोले- सांसद सुरक्षित नहीं, तो आम जनता का क्या होगा विवेकानंद रेड्डी हत्याकांड इसलिए तूल पकड़ रहा है क्योंकि मुख्य आरोपी अविनाश रेड्डी को YSR कांग्रेस ने कडपा सीट से टिकट दिया है। कडपा के लोग इससे भड़के हुए हैं। यहां के बस स्टैंड पर मिलीं रानी भागवती कहती हैं, ‘आंध्र प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर खत्म हो गया है। सांसद अपने घर में सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता का क्या हाल होगा। यहां के लोग डरकर रह रहे हैं।’ सीनियर जर्नलिस्ट सूर्या देसाराजू कहते हैं, ‘विवेका मर्डर केस में 2019 से 2023 तक चली जांच में मुख्य आरोपियों के चेहरे सामने आ चुके हैं। एक आरोपी तो खुद YSR कांग्रेस का सांसद है और इस बार भी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहा है। निश्चित तौर पर YSR कांग्रेस को इससे नुकसान होगा।’ जगन का वॉलंटियर सिस्टम हिट, घर-घर जाकर लोगों की मदद जगन सरकार ने आंध्र प्रदेश में वॉलंटियर सिस्टम शुरू किया है। सभी 25 लोकसभा सीटों पर वॉलंटियर्स की टीम है। हर वॉलंटियर पर 50 घरों की जिम्मेदारी है। ये लोग घर-घर जाकर योजनाओं का पैसा देते हैं। इसका गांवों में अच्छा प्रभाव दिख रहा है। विजयवाड़ा रेलवे स्टेशन पर मिले दुर्गा राव कहते हैं, ‘ हर महीने 1 तारीख को जगन के लोग घर आकर हमें 3 हजार रुपए पेंशन देते हैं। कोरोना के टाइम पर जगन ने हमारे लिए मुफ्त दवाएं भिजवाईं। आप बताइए ऐसा कौन सा मुख्यमंत्री है, जो बुजुर्गों की पेंशन सीधे उनके घर भेजता है।’ जगन की 9 रत्न VS चंद्रबाबू की सुपर-6 स्कीम्स जगन मोहन रेड्डी की 9-रत्न वेलफेयर स्कीम के मुकाबले में TDP सुपर-6 स्कीम्स का प्रचार कर रही है। चंद्रबाबू नायडू पहले ही कह चुके हैं कि अगर हमारी सरकार आती है, तो राज्य को स्पेशल स्टेटस दिलवाना हमारा पहला काम होगा। हम स्टेट में रुके हुए प्रोजेक्ट्स को चालू करवाएंगे। महिलाओं को फ्री बस यात्रा की सुविधा देंगे। पॉलिटिकल एक्सपर्ट मोहम्मद इलियास कहते हैं, ‘इस वक्त आंध्र प्रदेश में रहने वाले 4 करोड़ लोगों में से करीब 1.8 करोड़ को जगन की वेलफेयर स्कीम्स का फायदा मिल रहा है। इन योजनाओं के जरिए राज्य सरकार हर परिवार को 80 हजार रुपए तक दे रही है। इन स्कीम्स का गांवों में तो अच्छा असर है, लेकिन शहरों में कुछ खास प्रभाव नहीं है। शहरों में कुछ हद तक फायदा NDA को मिल सकता है।’ आंध्र प्रदेश के तेलुगु अखबार ‘द हंस इंडिया’ के एडिटर श्याम सुंदर कहते हैं, ‘जगन सरकार आने के बाद से ही राज्य में बेरोजगारी बड़ा इश्यू है। उन्होंने राज्य के संविदा शिक्षकों को परमानेंट करने का वादा किया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ है। बेरोजगारी के मामले में आंध्र प्रदेश तीसरे नंबर पर है। यहां बेरोजगारी दर 24% है।’ एक राज्य की तीन राजधानियां होने से डेवलप प्रोजेक्ट्स रुके विजयवाड़ा के वन-टाउन में रहने वाले रियल स्टेट बिल्डर सुरेश जैन कहते हैं, ‘आंध्र प्रदेश की तीन राजधानियां यहां के डेवलपमेंट में सबसे बड़ी रुकावट हैं। 3 कैपिटल रीजन बनने से जिन लोगों ने अमरावती, विशाखापट्टनम और कुरनूल के शहरों में रियल एस्टेट में इन्वेस्ट किया, उन सभी के पैसे फंसे हुए हैं।’ ‘एक राजधानी न होने की वजह से यहां न कोई फैक्ट्री आई और न ही किसी बड़ी कंपनी का इन्वेस्टमेंट मिला। लोगों को लगता है जब राजधानी बनेगी, तभी आंध्र में मजबूत सरकार चलेगी और रोजगार बढ़ेगा। तीन राजधानियों का मुद्दा बड़ा फैक्टर साबित होगा।’ PM आवास की वाहवाही जगन ले गए आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा से 30 किलोमीटर दूर इब्राहिमपट्टनम गांव है। YSR कांग्रेस के केसिनेनी श्रीनिवास यहां से सांसद हैं। दक्कन के पठार से घिरा ये इलाका धान और तरबूज की खेती के लिए जाना जाता है। इब्राहिमपट्टनम गांव आंध्र के दूसरे गांवों जैसा नहीं है। यहां लाइन से पक्के घर बने हैं। ये मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के हैं, जहां 2 साल से 180 परिवार रह रहे हैं। इनमें से एक घर हरि बाबू का भी है। हमने उनसे पूछा कि आपको ये घर किसने दिया, कौन सा नेता अच्छा लगता है? हरि बाबू मुस्कुराते हुए कहते हैं, ‘सब जगन अन्ना ने दिया है। उन्होंने हमें रहने के लिए जमीन दी। पेंशन भी दे रहे हैं। ऐसा कौन CM करता है। यहां का हर आदमी YSR कांग्रेस के साथ है।’ हमने कहा कि ये तो PM आवास है, जगन सरकार ने कैसे दिया? जवाब मिलता है, ‘प्रधानमंत्री कभी हमारे गांव नहीं आए। यहां BJP का कोई नेता नहीं देखा, तो कैसे मान लें कि ये घर PM ने दिया है। हमारा हर काम YSR कांग्रेस के कार्यकर्ता करवाते हैं। ये घर भी उन्हीं की मदद से मिला है।’ केंद्र और राज्य सरकार में क्रेडिट लेने की होड़ पॉलिटिकल एनालिस्ट मोहम्मद इलियास कहते हैं, ‘आंध्रप्रदेश में केंद्र की योजनाओं का नाम बदल देना नई बात नहीं है। पहले चंद्रबाबू नायडू की सरकार ने भी आयुष्मान भारत योजना को NTR आरोग्यश्री के नाम से चलाया था। 2019 में जगन ने इस योजना का नाम बदलकर YSR आरोग्य श्री कर दिया, जबकि इस योजना में 60 से 70% फंड केंद्र सरकार दे रही है।’ ‘सेंट्रल स्कीम्स के बारे में जनता को जागरूक करने के लिए BJP आंध्रप्रदेश में विकसित भारत संकल्प यात्रा निकाल रही है, ताकि लोगों को योजनाओं का पता चले। हालांकि BJP की कोशिश ज्यादा असरदार नहीं दिख रही है।’ ................................................... देश के दूसरे राज्यों में क्या है हवा का रुख, पढ़िए ये स्टोरीज
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