क्रिकेट आज पेशेवर खेल बन चुका है. भारत के कई मौजूदा क्रिकेटरों ने करियर की खातिर पढ़ाई छोड़ी और खेल में ऊंचाई हासिल की लेकिन 70 के दशक में एक क्रिकेटर ऐसा था जिसने इंजीनियरिंग डिग्री की खातिर टेस्ट क्रिकेट से 5 साल का ब्रेक लिया था. ईरापल्ली प्रसन्ना ने इंजीनियरिंग डिग्री हासिल करने के बाद भारतीय टीम में वापसी की और बेहतरीन स्पिनर के रूप में नाम कमाया.