बहुत कम ऐसा देखने को मिलता है कि जब बीच आईपीएल में कोई खिलाड़ी अपनी घरेलू क्रिकेट को छोड़ दे. सूत्रों से मिल रही जानकारी से पता चला है कि यशस्वी जायसवाल बहुत दिनों से आईपीएल में कप्तानी करना चाहते थे और जब संजु के चोटिल होने के बाद मौका आया तो ये कहकर यशस्वी के नाम को खारिज कर दिया गया कि उन्होंने कभी कप्तानी नहीं कि और रियाग पराग को कप्तान बना दिया गया. टीम इंडिया में भी यहीं हुआ जब गुजरात की कप्तानी कर रहे गिल को उप कप्तान बना दिया गया और यशस्वी को लगा कि मुंबई में रहाणे और श्रेयस के रहते वो वहां भी कप्तानी नहीं कर पाएंगे तो उन्होंने बड़ा कदम उठाते हुए गोवा जाने का कदम उठा लिया.