एशिया कप 2025 में अब तक जो कुछ घटा है वो इस टूर्नामेंट की गरिमा को ठेस पहुंचाता ही नजर आया फिर वो चाहे हैंडशेक मुद्दा हो, पाकिस्तान का मैदान पर 1 घंटे से देरी से पहुंचना हो और चाहे मैच रेफरी को बदलने की मांग हो. इन तमाम घटनाओ के बीच दुनीथ वेल्लालगे उम्मीद और खेल के असली मकसद के प्रति एक तरह के आशावाद के प्रतीक बनकर सामने आए हैं. इस युवा खिलाड़ी ने अपने पिता, 54 वर्षीय सुरंगा वेल्लालगे को अफ़ग़ानिस्तान के खिलाफ खेलते समय दिल का दौरा पड़ने से खो दिया.