Kamran khan lost in the darkness of anoynymous: आज़मगढ़ के एक साधारण मजदूर के बेटे कामरान खान की कहानी किसी चमत्कार से कम नहीं थी. शेन वॉर्न ने उनकी 140 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार देख उन्हें 'टॉरनेडो' नाम दिया और आईपीएल इतिहास का पहला सुपर ओवर फेंकने की जिम्मेदारी सौंपी. लेकिन चकिंग के आरोप और चोटों ने इस उभरते सितारे की चमक फीकी कर दी. जिस गेंदबाज को भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जा रहा था, वह वक्त के साथ गुमनामी के अंधेरे में खो गया.