कौन है वर्ली हिट-एंड-रन वाले मिहिर का पिता ''राजेश-17":CM शिंदे का करीबी, BMW गायब करानी चाही लेकिन पुलिस ने बिगाड़ा खेल

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तारीख 7 जुलाई और सुबह तकरीबन 5 बजकर 25 मिनट का समय था। 45 साल की कावेरी नखवा अपने पति प्रदीप नखवा के साथ ससून डॉक से मछली खरीद कर लौट रही थीं। एनी बेसेंट रोड पर पीछे से तकरीबन 120 kmph से ज्यादा की रफ्तार से एक BMW कार आई और दोनों को उड़ा दिया। प्रदीप तो किसी तरह बच गए, लेकिन कार के नीचे कावेरी फंस गईं, कार रुकी नहीं और उन्हें तकरीबन 2 किमी दूर बांद्रा वर्ली सी लिंक तक घसीटा। ये कार शिवसेना नेता राजेश शाह का बेटा मिहिर शाह चला रहा था। मिहिर के बगल की सीट पर ड्राइवर राजऋषि राजेंद्र सिंह बीदावत भी बैठा था। वर्ली सी लिंक के पास मिहिर ने गाड़ी रोकी, कावेरी अभी भी कार के नीचे फंसी थीं। मिहिर ने सीट ड्राइवर के साथ बदली, कार फिर बैक हुई, कावेरी को एक बार और कुचला। गाड़ी का इंजन बंद हो गया। राजेश वहां पहुंचा और मिहिर को ऑटो से भगा दिया, लेकिन ड्राइवर वहीं रुका रहा। राजेश पुलिस को ये दिखाना चाहते थे कि एक्सीडेंट ड्राइवर से हुआ है। राजेश-17 उर्फ राजेश शाह, शिंदे शिवसेना का फाइनेंसर पालघर में राजेश शाह को ‘राजेश सत्रह (17)’ के नाम से भी जाना जाता है। उनकी गाड़ियों के नंबर में 17 जरूर आता है। जिस कार को मिहिर चला रहा था, वो राजेश के नाम पर रजिस्टर्ड है। राजेश शाह इलाके का एक बड़ा स्क्रैप व्यापारी है। पिछले 30 साल से कंस्ट्रक्शन मटेरियल की सप्लाई का काम भी करते हैं। राजेश को CM एकनाथ शिंदे का करीबी माना जाता है। शिंदे के कहने पर ही साल 2000 में शाह ने बहुजन विकास अघाड़ी छोड़कर शिवसेना जॉइन की थी। 2008 में उद्धव ठाकरे ने उन्हें पालघर का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया। जब शिवसेना में बंटवारा हुआ तो राजेश ने शिंदे को चुना। विधायकों के गुवाहाटी में रुकने का पूरा इंतजाम भी राजेश ने ही किया था। 2023 में उन्हें एकनाथ शिंदे ने पालघर में शिवसेना के उपनेता के पद पर नियुक्त किया। जानकारों के मुताबिक, शिंदे शिवसेना में राजेश मूल रूप से पार्टी के लिए फंड जुटाने का काम करते हैं। पालघर के लोकल जर्नलिस्ट संजय सिंह बताते हैं कि राजेश शाह एक सफल बिजनसमैन रहे हैं। उनकी नेटवर्किंग स्किल बहुत स्ट्रॉन्ग है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस इलाके में राजेश का घर है, वहां से शिंदे गुट के सपोर्ट से खड़ा उम्मीदवार चुनाव हार गया था। हालांकि रिजल्ट के कुछ ही दिनों बाद उन्होंने उसे उद्धव गुट से तोड़कर शिंदे की टीम में शामिल करा लिया। राजेश ने मिहिर से कहा- नंबर प्लेट तोड़ दो, भाग जाओ 7 जुलाई की रात मिहिर ने अपने दो दोस्तों के साथ जुहू के एक पब में करीब 19 हजार रुपए की शराब पी थी। उसने शराब के करीब 4 लार्ज पैग पिए थे, जिससे एक आम इंसान 8 घंटे तक नशे में रह सकता है। पब के बाहर मौजूद CCTV कैमरे की फुटेज में मिहिर नजर आया है। मिहिर और उसके दोस्त शनिवार-रविवार को देर रात 1.30 बजे पब से निकले थे। मुंबई पुलिस ने मिहिर शाह को 9 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक 10 जुलाई को पूछताछ के दौरान मिहिर ने कबूल लिया कि हादसे के वक्त कार वही चला रहा था। उसे मालूम था कि कावेरी कार के नीचे फांसी है, लेकिन डर की वजह से उसने कार नहीं रोकी। हालांकि इस दौरान मिहिर और ड्राइवर राजऋषि की राजेश से फोन पर बातचीत हुई थी। मिहिर को घटनास्थल से भाग जाने के लिए भी राजेश ने ही कहा था। राजेश के कहने पर ही मिहिर शाह ने पहले ड्राइवर के साथ सीट बदली, फिर गाड़ी की नंबर प्लेट तोड़ी और गाड़ी पर लगा पार्टी का झंडा भी छिपा दिया। मिहिर ने BMW कार और ड्राइवर को बांद्रा के कला नगर के पास छोड़ा, ड्राइवर भी कार के बाहर रुका रहा। मिहिर ऑटो से अपनी गर्लफ्रेंड के घर गोरेगांव चला गया। राजेश के कहने पर मिहिर ने अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की और बाल और दाढ़ी कटवा ली। पुलिस की पेट्रोलिंग कार ने बिगाड़ा राजेश का खेल जांच में सामने आया है कि मिहिर को घटनास्थल से भगाने के बाद राजेश ने ड्राइवर को खुद पर इल्जाम लेने के लिए मना लिया था। राजेश बस चाहते थे कि किसी तरह गाड़ी पुलिस के हाथ न लगे। राजेश कार उठवाने के लिए बांद्रा के कला नगर भी पहुंचे। यहां ड्राइवर राजऋषि पहले से मौजूद था। हालांकि मृतक के पति ने 100 नंबर पर फोन कर एक्सीडेंट की खबर दे दी थी। राजेश के कार गायब कराने से पहले ही पुलिस की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने कार जब्त की और मौके से राजेश और राजऋषि को गिरफ्तार कर लिया। 8 जुलाई को राजेश को जमानत मिल गई, लेकिन सबूत मिटाने में उनकी भूमिका की जांच चल रही है। इसके बाद CM एकनाथ शिंदे के आदेश पर 10 जुलाई को राजेश शाह को पालघर में पार्टी के डिप्टी लीडर पद से भी हटा दिया गया। हालांकि वो अब भी पार्टी का सदस्य है। दोस्त ने फोन ऑन किया और मिहिर पकड़ा गया एक्सीडेंट के बाद मिहिर ऑटो लेकर अपनी गर्लफ्रेंड के घर पहुंचा। इस दौरान दोनों के बीच 40 बार फोन पर बातचीत हुई। मिहिर 2 घंटे तक गर्लफ्रेंड के घर पर रुका रहा। उसकी गर्लफ्रेंड ने मिहिर की बहन को कॉल किया। मिहिर की बहन उसे अपने साथ अपने बोरीवली वाले घर ले गई। राजेश के प्लान के मुताबिक मिहिर की मां मीना और दोनों बहनें पूजा और किंजल उसके दोस्त अवदीप को लेकर मुंबई से करीब 70 किमी दूर शाहपुर के एक रिसॉर्ट में जाकर छिप गईं। उधर, पुलिस ने मिहिर और बाकी घरवालों के फोन ट्रैक करने शुरू किए। हालांकि राजेश ने पहले ही सबको समझा दिया था कि रिसॉर्ट पहुंचने से पहले ही फोन बंद कर देना, जिससे पुलिस उन्हें ट्रैक न कर सके। पुलिस को पूछताछ में पता चला है कि राजेश का पूरा परिवार फैमिली कार समेत दो दूसरी गाड़ियों में रिसॉर्ट गया था। सबने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए थे और घर पर भी ताला लगा हुआ था। 9 जुलाई की सुबह मिहिर के एक दोस्त ने अपना फोन किसी काम से सिर्फ 15 मिनट के लिए ऑन किया था और यहीं से उसकी लोकेशन मिल गई। इसी लोकेशन से मिहिर को गिरफ्तार किया गया। उसकी मां और दो बहनों को भी हिरासत में लिया गया है। मिहिर की गर्लफ्रेंड और दोस्तों से भी पूछताछ चल रही है। मिहिर 16 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में है। पीड़ित बोला- मैं मिहिर को अपनी कार से कुचलना चाहता हूं हादसे के तीन दिन बाद मीडिया के सामने आए पीड़ित प्रदीप ने कहा, 'मेरा घर उजड़ गया, मेरे बच्चे बिना मां के अनाथ हो चुके हैं। हम चाहते हैं कि मुझे मिहिर सौंप दिया जाए, ताकि मैं भी उसे कार से टक्कर मारकर घसीटते हुए लेकर जाऊं। मैं भी उसे वह दर्द महसूस करवाना चाहता हूं, जो मेरी पत्नी ने सहा है।' 'कार के नीचे आने के बाद भी वो जिंदा थी और जब उसे कार से घसीटकर ले जा रहा था तो वो चिल्ला रही थी। अगर ड्राइवर ने जरा सी इंसानियत दिखाई होती और कार रोक देता, तो मेरी कावेरी जिंदा होती।' ये कहते हुए प्रदीप फूट-फूट कर रोने लगे। वे आगे कहते हैं, 'उसे (मिहिर शाह) हादसे के तीन दिन बाद अरेस्ट किया गया। वो क्यों छिप रहा था? अगर उसने कुछ नहीं किया, अगर उसके पास शराब या ड्रग्स नहीं थी, तो वो भाग क्यों रहा था? टक्कर के बाद मैंने उठकर उसके बोनट पर हाथ मारा, लेकिन वो मुझे देखकर रुका नहीं।' 'एक टैक्सी वाला मुझे अपने साथ लेकर गया और मैं आधा किमी तक गया, लेकिन मेरी पत्नी कहीं नहीं मिली। फिर मैं उसे ढूंढने के लिए दूसरी तरफ गया, लेकिन वो वहां भी नहीं मिली। तब एक टैक्सी वाले ने पुलिस स्टेशन में शिकायत करने को कहा।' '15 मिनट में मुझे खबर मिली कि मेरी पत्नी की बॉडी सी लिंक के किनारे पड़ी है और ये लोग कहते हैं कि मेरी पत्नी की बॉडी 100 मीटर आगे गिरी थी। अगर 100 मीटर आगे मेरी पत्नी गिरी रहती तो मुझे नहीं मिलती क्या।' कोई जानवर भी ऐसा नहीं करता, उसके कनेक्शन हैं वो बच जाएगा प्रदीप आगे कहते हैं, 'कोई जानवर के साथ भी ऐसा नहीं करता। मेरी पत्नी चिल्ला रही थी, जब कार वाले उसे घसीटकर लेकर जा रहे थे। प्रशासन कुछ नहीं कर रहा है। अगर उसने गुनाह नहीं किया होता तो क्यों भागकर गया। अगर वो भागकर नहीं गया होता तो मेरी पत्नी आज जिंदा होती।' आरोपी के पिता का सत्तारूढ़ पार्टी से साठ-गांठ का आरोप लगाते हुए प्रदीप कहते हैं, 'ये प्रशासन सिर्फ बोलने के लिए है, ये कुछ करेगा नहीं।' सरकार कहती है कि ये गरीबों की सरकार है। कौन से गरीबों की सरकार है ये? गरीब ऐसे ही रास्ते पर मरेगा और रोज मरेगा। कोई नहीं है उसे देखने वाला। हम क्या करें, हम ऐसे ही मरेंगे।' प्रदीप आगे कहते हैं, 'हमारा कोई नहीं है। हम गरीब हैं। हमारा सपोर्ट करने या हमें न्याय दिलाने वाला कौन है? आज उसे जेल भेजा जाएगा। कल उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा और फिर उसे जमानत मिल जाएगी।' 'वो रिहा हो जाएगा और फिर यह मामला लंबा खिंच जाएगा। हमें मुकदमा लड़ने के लिए पैसे कहां से मिलेंगे? हम वकील कैसे रखेंगे? हमारे लिए वहां कौन है? नेताओं को हमारी परवाह नहीं है। वो एक नेता का बेटा है। उसके पास पैसा है।' मिहिर 10वीं पास, पिता के स्क्रैप बिजनेस में वसूली का काम करता पालघर के एक सीनियर लीडर ने बताया कि मिहिर अपने पिता के साथ राजनीतिक सभाओं में बहुत कम ही जाया करता था। उसने सिर्फ 10वीं तक ही पढ़ाई की है। इसके बाद मिहिर भी पिता के साथ धीरे-धीरे स्क्रैप बिजनेस से जुड़ गया। उसने कुछ दिनों पहले ही अपने कुछ दोस्तों के साथ स्क्रैप के बकाया पैसों की वसूली का काम शुरू किया था। 20 साल से राजेश का ड्राइवर राजऋषि है चश्मदीद गवाह घटना के वक्त गाड़ी में मिहिर के साथ मौजूद ड्राइवर राजऋषि पिछले तकरीबन 20 साल से राजेश का काम कर रहा था। राजेश के कहने पर ही राजऋषि घटना के बाद मौके से फरार नहीं हुआ था। कुछ देर बाद पुलिस ने उसे अरेस्ट कर लिया था। गिरफ्तारी के बाद ड्राइवर ने पहले पुलिस को बताया था कि कार वो चला रहा था। उसने पुलिस को बताया है कि मिहिर ने उसे साउथ मुंबई में मरीन ड्राइव की तरफ चलने को कहा था। वो करीब दो घंटे तक मरीन ड्राइव में घूमता रहा। हालांकि हादसे के बाद वर्ली पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV चेक किए, जिससे पता चला कि गाड़ी शिवसेना नेता राजेश शाह की है। पुलिस ने कोर्ट में वह CCTV फुटेज भी पेश किया। पुलिस ने सीन रीक्रिएट किया, 13-14 लोगों के बयान दर्ज मिहिर को पकड़ने के लिए मुंबई पुलिस ने 13 टीमें बनाई थीं। क्राइम ब्रांच को भी शामिल किया गया। उसके खिलाफ एक लुकआउट सर्कुलर (LOC) भी जारी किया गया था। घटना के तीन दिन बाद उसे अरेस्ट किया जा सका। मुंबई पुलिस ने अब तक इस मामले में 13-14 लोगों के बयान दर्ज किए हैं, जिसमें कुछ चश्मदीद भी शामिल हैं। मुंबई पुलिस 11 जुलाई को मिहिर शाह और उसके ड्राइवर राजऋषि को घटनास्थल पर ले गई और सीन रीक्रिएट किया। पुलिस ड्राइवर और मिहिर को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ भी कर चुकी है। मुंबई पुलिस आरोपी मिहिर शाह को उस जगह भी ले जाने वाली है, जहां उसने बाल और दाढ़ी कटवाकर अपना हुलिया बदलकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की थी। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या किसी ने हुलिया बदलने में उसकी मदद की थी। घटनास्थल पर गाड़ी में लगे शिवसेना के स्टिकर को किसने निकाला, उसकी भी जांच मुंबई पुलिस कर रही है। पुलिस को जांच में ये भी पता चला है कि मिहिर ने रात 1 बजे बार से निकलने के बाद मुंबई के मलाड इलाके में फिर से शराब पी थी। वह शराब उसने किसी बार से खरीदी या किसी दुकान से यह अभी साफ नहीं हो सका है।
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