क्या जंगपुरा में BJP के सामने फंस गए हैं सिसोदिया:पिछले AAP MLA से लोग नाराज, बोले- सड़कें टूटी-सीवर जाम, कोई काम नहीं किया

11 months ago 8
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‘ना मुझे कांग्रेस से लेना है, ना BJP से और ना ही केजरीवाल से। बस काम अच्छा होना चाहिए। ऐसी सरकार आए जो महंगाई दूर करे।’ दिल्ली में हजरत निजामुद्दीन दरगाह के पीछे रहने वाली सईदा चुनाव का जिक्र करते हुए अपनी नाराजगी रोक नहीं पातीं। जंगपुरा के भोगल मार्केट में रहने वाले 74 साल के डीएस बिंद्रा भी यही मानते हैं। वे कहते हैं, 'आजकल चुनाव में मुद्दों की बात कोई नहीं करता। BJP जिसे फ्री की रेवड़ी बताती थी, अब वो भी उसी की बात कर रही है।’ दिल्ली की जंगपुरा सीट पर AAP ने मौजूदा विधायक प्रवीण कुमार को बदलकर पूर्व डिप्टी CM मनीष सिसोदिया को उतारा है। वहीं BJP ने कांग्रेस छोड़कर आए तरविंदर सिंह मारवाह को कैंडिडेट बनाया है। तरविंदर कांग्रेस के टिकट पर यहां से 3 बार विधायक रह चुके हैं। कांग्रेस ने यहां से दिल्ली के मेयर रह चुके फरहाद सूरी को टिकट दिया है। वे दरियागंज से 4 बार पार्षद रह चुके हैं। जंगपुरा सीट का सियासी मूड समझने के लिए दैनिक भास्कर ग्राउंड पर पहुंचा। पढ़िए पूरी खबर… AAP सरकार से खुश, लोकल विधायक से नाराज सबसे पहले हम निजामुद्दीन इलाके में पहुंचे। यहां मुस्लिम आबादी ज्यादा है। हजरत निजामुद्दीन दरगाह के पीछे रहने वालीं सईदा कहती हैं, ‘आज हिंदुओं और मुस्लिमों के बीच नफरत पैदा कर दी गई है। कांग्रेस, BJP और AAP किसी को असल मुद्दों से मतलब नहीं है।' 'महंगाई दूर करने के बजाय सरकारें मस्जिद खुदवा रही हैं। फिर वहां शिवलिंग है या मूर्ति है, ये पता लगाने के चक्कर में नफरत पैदा कर दी गई है। पहले हम मिलजुल कर रहते थे।’ निजामुद्दीन के एक क्लिनिक में काम करने वालीं निगार परवीन कहती हैं, ‘हमारे इलाके में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर काम हुआ है। जगह-जगह कैमरे लगे हैं।‘ निगार खुद बस में सफर नहीं करतीं, लेकिन महिलाओं को फ्री बस सर्विस मिलने से खुश हैं। वो कहती हैं, ‘इससे गरीब महिलाओं को फायदा हो रहा है।‘ मुद्दों की बात कोई नहीं करता, फ्री की रेवड़ी बांट रहे इसके बाद हम जंगपुरा के फेमस भोगल मार्केट पहुंचे। ये करीब 100 साल पुराना है। यहां मिले डीएस बिंद्रा कहते हैं, ‘मैं 50 साल से इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान चला रहा हूं। AAP ने स्कूलों और अस्पतालों में अच्छा काम किया है।‘ हालांकि वे फ्रीबीज की पॉलिटिक्स से नाराज नजर आते हैं। वे कहते हैं, ‘अब असल मुद्दों की बात कोई नहीं कर रहा है। मुफ्त की योजनाओं को रेवड़ी बताने वाली BJP भी अब उन्हीं की बात कर रही है। बिजली और पानी मुफ्त नहीं होना चाहिए। इसमें छूट भले मिल जाए। एक पार्टी ने देखा कि महिलाओं को 2100 रुपए दिए जा रहे, तो दूसरे ने 2500 की घोषणा कर दी।’ मनीष सिसोदिया के यहां से चुनाव लड़ने पर कहते हैं, ‘उन्हें वहां (पटपड़गंज) खतरा था, इसलिए यहां से चुनाव लड़वाया जा रहा है। उन्होंने अच्छा काम किया है। स्कूल बेहतर हुए हैं। उन पर आरोप लगे हैं, लेकिन अभी साबित नहीं हुए हैं।‘ 'AAP विधायक प्रवीण कुमार यहां झांकने तक नहीं आए' भोगल मार्केट से निकलकर हम चर्च रोड पहुंचे। यहां हमें पार्क में बैठे कुछ लोग मिले। वे सभी आम आदमी पार्टी की सरकार से नाराज नजर आते हैं। उनका कहना है कि इलाके में अब भी पानी भर जाता है। इनमें से भोगल के रहने वाले जयप्रकाश कहते हैं, ‘AAP विधायक प्रवीण कुमार कभी यहां झांकने तक नहीं आए। गैस पाइपलाइन कब से टूटी पड़ी है। भोगल में इतने साल में कभी सड़क नहीं बनी है, जो बनी, वो तुरंत टूटने भी लगी।’ उनके बगल में बैठे 68 साल के विश्वंभर दयाल भी विधायक के काम से खुश नहीं हैं। वे कहते हैं, ‘चर्च रोड में हमेशा पानी भर जाता है, हमने बहुत बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती। मनीष सिसोदिया तो इस इलाके को जानते तक नहीं हैं।‘ सीवर और सड़कें टूटने की बात आम आदमी पार्टी भी मानती है। हाल में जंगपुरा में एक रैली के दौरान मनीष सिसोदिया ने कहा कि आपके इलाके में कई जगहों पर सड़कें टूटी हैं। कुछ जगहों पर सीवर भरे पड़े हैं। चुनाव जीतने के बाद अगले कुछ महीनों में ये सब ठीक करवाएंगे। चर्च रोड पार्क में बैठीं रोशनी केजरीवाल के काम से खुश हैं, लेकिन विधायक से नाराज हैं। वे कहती हैं, ‘सीवर भरे पड़े हैं। सड़कों की सफाई नहीं होती है।’ इसके बाद हम जल विहार इलाके की झुग्गियों में पहुंचे। यहां बस्ती के बगल में ही कचरे का एक ढेर है। इसे लेकर नाराज श्रीलाल कहते हैं, ‘इलाके में विधायक कभी आते ही नहीं हैं। कचरे हटवाने के मसले पर भी वो टालमटोल करते हैं।‘ पॉलिटिकल पार्टियों की बात AAP: BJP कार्यकर्ता कह रहे, सरकार तो केजरीवाल की बन रही मनीष सिसोदिया पटपड़गंज सीट छोड़कर जंगपुरा क्यों आए? ये सवाल दिल्ली चुनाव में सबकी जुबान पर है। BJP और कांग्रेस आरोप लगा रही है कि सिसोदिया को हार के डर से पटपड़गंज छोड़कर भागना पड़ा। हालांकि सिसोदिया अपनी और AAP की जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रहे हैं। 26 जनवरी को जंगपुरा की सनलाइट कॉलोनी-2 में उन्होंने चुनावी सभा में कहा, ‘BJP के कार्यकर्ता भी कहते हैं कि सरकार तो केजरीवाल जी की बन रही है, लेकिन दो सीटें कम हो रही हैं। मैं अगर आपके वोट से विधायक बनकर जाता हूं, तो मैं भी केजरीवाल जी के साथ सरकार में बैठूंगा। उनकी कैबिनेट में मंत्री बनूंगा। डिप्टी सीएम बनकर बैठूंगा।’ BJP: गंदगी, टूटी सड़कों और जाम सीवर से लोग परेशान, सिसोदिया को वोट नहीं देंगे जंगपुरा से BJP कैंडिडेट तरविंदर सिंह मारवाह कांग्रेस के पूर्व विधायक हैं। जंगपुरा के कई लोग मारवाह के पिछले कामों की तारीफ करते हैं। हालांकि उनके BJP में जाने से निराश भी नजर आते हैं। मारवाह ने जुलाई 2022 में कांग्रेस नेतृत्व पर पुराने पार्टी सदस्यों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया और पार्टी छोड़ दी। तब उन्होंने तंज करते हुए राहुल गांधी को 'राजा' और सोनिया गांधी को 'महारानी' कहा था। मारवाह अब BJP के साथ अपनी जीत को लेकर आश्वस्त दिखते हैं। हाल ही में उन्होंने प्रचार के दौरान मीडिया से कहा, ‘जंगपुरा में गंदे पानी की समस्या है। लोगों को राशन कार्ड और पेंशन नहीं मिल रही है।’ कांग्रेस: मनीष सिसोदिया फाइट में नहीं, हम जीतेंगे कांग्रेस कैंडिडेट फरहाद सूरी को 2022 के MCD चुनाव में आम आदमी पार्टी की सारिका चौधरी ने दरियागंज से हरा दिया था। सूरी पार्षद का चुनाव जरूर हार गए, लेकिन उन्हें विधानसभा में अपनी जीत को लेकर पूरा भरोसा है। हमने उनसे पूछा कि आम आदमी पार्टी और BJP की लड़ाई में कांग्रेस कहां है? इसके जवाब में सूरी कहते हैं, ‘ये आपका पर्सेप्शन है, हम नंबर एक पर हैं और जीतेंगे।’ वे इलाके के बिगड़े हालात का जिक्र करते हुए कहते हैं, ’यहां सीवर, बहती हुईं नालियां, बदहाल सड़क और बंद पड़ी लाइटें हैं। कोई नया स्कूल नहीं बनवाया। हर जगह कूड़े का अंबार लगा हुआ है। यहां सिर्फ यही है।’ एक्सपर्ट: मुस्लिम वोटर्स केजरीवाल को लेकर कन्फ्यूज, एंटी इनकम्बेंसी भी मनीष सिसोदिया के लिए जंगपुरा सीट पर लड़ाई कितनी मुश्किल है और उन्हें पुरानी सीट क्यों छोड़नी पड़ी? इसे समझने के लिए हमने सीनियर जर्नलिस्ट और पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स से भी बात की। सीनियर जर्नलिस्ट प्रमोद जोशी कहते हैं, ‘आम आदमी पार्टी को शायद डर था कि वहां से चुनाव जीतने में दिक्कत आ सकती है। पिछले चुनाव में भी वोट काउंटिंग के दौरान मनीष सिसोदिया पिछड़ गए थे। शायद इससे बचने के लिए ऐसा किया गया हो। पार्टी को लगता है कि जंगपुरा उनके लिए एक सेफ सीट हो सकती है।’ क्या इस बार जंगपुरा में आम आदमी पार्टी को मुस्लिम वोटर्स का साथ मिलेगा? इस पर प्रमोद जोशी कहते हैं, ‘जंगपुरा ही नहीं, पूरी दिल्ली में इस बार ये सवाल है कि मुस्लिम वोटर्स किस तरफ जाएंगे। एक और बात है कि पिछले 10 साल से AAP की सरकार है, तो एक एंटी इनकम्बेंसी का फैक्टर भी है।‘ ‘पिछले 10 सालों में आम आदमी पार्टी को लेकर बहुत लोगों का मोहभंग हुआ है। इसके अलावा भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे। इन सभी फैक्टर्स का असर देखने को मिल सकता है।‘ सीनियर जर्नलिस्ट और पॉलिटिकल एक्सपर्ट सुनील कश्यप मानते हैं, ‘जंगपुरा में मुस्लिम वोटर्स की संख्या काफी ज्यादा है, इसलिए पार्टी ने मनीष सिसोदिया को यहां से चुनाव लड़वाने का फैसला किया होगा।‘ हालांकि कांग्रेस के मुस्लिम उम्मीदवार उतारने पर वे कहते हैं, ‘मुस्लिम वोटर्स इस बार केजरीवाल को लेकर कन्फ्यूज हैं।‘ ‘पिछले कई चुनाव से ये हो रहा है कि जो BJP को हराएगा, मुस्लिम वोट उसके पास जाएगा। इस बार केजरीवाल भी वही कर रहे हैं, जो BJP करती है। इस बार केजरीवाल हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं। इसलिए मुस्लिम वोटर्स सोच रहे हैं कि वे किसके साथ जाएं।‘ जंगपुरा सीट का सियासी समीकरण जंगपुरा विधानसभा क्षेत्र में पंजाबी, सिख और मुस्लिम वोटर्स की संख्या सबसे ज्यादा है। इसके अलावा झुग्गियों में रहने वाले वोटर्स की भी बड़ी संख्या है। कभी इस सीट को कांग्रेस का गढ़ माना जाता था। हालांकि पिछले तीन चुनाव में ये वोटर AAP की तरफ शिफ्ट हो गया। 1993 से अब तक इस सीट पर 7 चुनाव हुए, लेकिन BJP यहां से अब तक अपना खाता नहीं खोल सकी है। 1993 से 2013 तक जंगपुरा विधानसभा कांग्रेस के कब्जे में रही। 1993 में जग प्रकाश चंद्रा यहां से कांग्रेस के विधायक बने। 1998, 2003 और 2008 में लगातार तीन बार तरविंदर सिंह मारवाह कांग्रेस से विधायक बने, जिन्हें इस बार BJP ने अपना कैंडिडेट बनाया है। 2013 में आम आदमी पार्टी के मनिंदर सिंह धीर ने यहां से जीत दर्ज की। 2015 और 2020 के पिछले दो चुनाव में आम आदमी पार्टी के प्रवीण कुमार बड़े अंतर से जीते। हालांकि इस बार मनीष सिसोदिया यहां से किस्मत आजमा रहे हैं। ................................. स्टोरी में सहयोग: श्रेया नाकाड़े ​ ................................. दिल्ली चुनाव पर इन VIP सीट की रिपोर्ट भी पढ़िए.... 1. पटपड़गंज में ओझा Vs 'मुस्लिमों के नाम पूछने वाले' नेगी पटपड़गंज सीट के दो कैंडिडेट। दोनों अपनी वायरल रील्स की वजह से चर्चा में रहते हैं। अवध ओझा की पहचान दिल्ली में सिविल सर्विस की कोचिंग देने वाले सेलिब्रिटी टीचर के तौर पर है। पिछले महीने 2 दिसंबर को ही वे AAP में शामिल हुए और उन्हें मनीष सिसोदिया की सीट से टिकट दिया गया। यहां का सियासी मूड समझने के लिए दैनिक भास्कर ग्राउंड पर पहुंचा। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… 2. क्या नई दिल्ली सीट पर मुश्किल में हैं अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली विधानसभा सीट सबसे हॉट सीट बनी हुई है। AAP के मुखिया अरविंद केजरीवाल इस सीट से लगातार 3 बार जीत हासिल करने के बाद चौथी बार चुनाव लड़ रहे हैं। BJP ने दिल्ली के पूर्व CM साहिब सिंह वर्मा के बेटे और पूर्व सांसद प्रवेश वर्मा को मैदान में उतारा है। वहीं, कांग्रेस ने पूर्व CM शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित पर दांव लगाया है। यहां का सियासी मूड समझने के लिए, पढ़िए पूरी खबर...
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