No Mushtaq, No Test: सैयद मुश्ताक अली की लोकप्रियता का आलम यह था कि एक बार भारतीय टीम को कलकत्ता में ऑस्ट्रेलियाई सेना के साथ एक अनौपचारिक टेस्ट खेलना था. लेकिन मुश्ताक अली को इस मैच के लिए घोषित की गई टीम में शामिल नहीं किया गया. कलकत्ता में क्रिकेटप्रेमियों की भीड़ ने उस समय सेलेक्शन कमेटी की चीफ रहे दलीपसिंह जी को घेर लिया और उसने 'नो मुश्ताक नो टेस्ट' के नारे लगाए. मुश्ताक अली ने 91 साल की उम्र में 2005 में 18 जून को इस दुनिया को अलविदा कहा.