झारखंड चुनाव, सेकेंड फेज में BJP पर भारी हेमंत:38 सीटों में से BJP 8-13, JMM 10-15 पर मजबूत, कांग्रेस को नुकसान

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सबसे पहले 2 दावे पहला दावा JMM लीडर हेमंत सोरेन का 'ये आपके भाई हेमंत का वादा है। BJP की साजिशों का अंत करके, बिना रुके राज्य के लोगों के लिए काम करेंगे। अब संथाल और उत्तरी छोटा नागपुर की वीर भूमि से BJP की साजिशों के ताबूत पर अंतिम कील ठोकनी है।' दूसरा दावा BJP लीडर बाबूलाल मरांडी का 'राज्य सरकार से त्रस्त महिला शक्ति, हमारी बहनों ने गुंडे बदमाशों की संरक्षक बनी JMM सरकार को हटाने के लिए वोट किया। झारखंड की जनता बदलाव की अगुआई कर रही है।' झारखंड चुनाव अब अपने क्लाईमैक्स पर पहुंच गया है। NDA राज्य में उलटफेर का दावा कर रहा है। वहीं, INDIA ब्लॉक पुराने स्टैंड पर कायम है- ‘एक ही नारा, हेमंत दोबारा’। झारखंड की 81 विधानसभा सीटों में से 38 पर 20 नवंबर को वोटिंग होगी। इसमें 18 सीटों वाले संथाल-परगना में भी चुनाव होंगे। वैसे तो ये इलाका JMM का गढ़ रहा है, लेकिन BJP आदिवासी नेताओं के बलबूते सोरेन परिवार के किले को भेदने में जुटी है। झारखंड में सेकेंड फेज की वोटिंग से पहले कौन सी पार्टी मजबूत लग रही है, वोटर्स पर किस नेता का असर है, चुनाव के आखिरी आखिरी पड़ाव में कौन गेमचेंजर होगा, ये जानने दैनिक भास्कर की टीम ग्राउंड पर पहुंची। पढ़िए क्या है सेकेंड फेज में हवा का रुख। 4 पॉइंट्स में समझिए चुनाव से सियासी समीकरण 1. सेंकेंड फेज में 38 सीटों पर वोटिंग होनी है। इनमें 18-18 सीटों वाले संथाल परगना और उत्तरी छोटानागपुर पर BJP का सबसे ज्यादा फोकस है। 2019 में पार्टी यहां सिर्फ 12 सीट जीत पाई थी। इस बार 15-18 सीटें जीतने के आसार दिख रहे हैं। 2. दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल की 2 सीटों खिजरी और सिल्ली में एक सीट NDA ने जीती थी। इस बार दोनों सीटें मिल सकती हैं। 3. संथाल के गोड्डा, देवघर, दुमका, जामताड़ा, साहिबगंज और पाकुड़ विधानसभाओं में BJP बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा उठा रही है। हालांकि आदिवासियों के बीच घुसपैठ का मुद्दा कम प्रभावी दिख रहा है, लेकिन इस मुद्दे से BJP हिंदू वोटरों को एकजुट करने में कामयाब होती दिख रही है। 4. 2019 के चुनाव के सेकेंड फेज में JMM ने 13 और कांग्रेस ने 8 सीटें जीती थीं। इस बार JMM 10-15 सीटें जीत सकती है। हालांकि कांग्रेस की सीटें घटकर 5 हो सकती हैं। उसके दो सांसदों पर भ्रष्टाचार के आरोप का निगेटिव असर नजर आ रहा है। सेकेंड फेज में 257 निर्दलीय, लेकिन टक्कर NDA और INDIA में दूसरे फेज में 257 निर्दलीय उम्मीदवार भी हैं, लेकिन फाइट NDA और INDIA ब्लॉक के बीच ही है। 4 सीटों पर जयराम महतो की पार्टी JLKM कड़ी टक्कर दे रही है। धनबाद सीट पर कांग्रेस और JMM के बीच फ्रेंडली फाइट है। बड़े चेहरे, जिनकी साख दांव पर… पार्टी: JMM लीडर: हेमंत सोरेन हेमंत झारखंड के मौजूदा CM हैं। विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें लैंड स्कैम केस में 140 दिन जेल में रहना पड़ा। जमानत मिलने के बाद फिर CM बने। चुनाव का ऐलान होते ही हेमंत सोरेन ‘जेल का बदला जीत से’ का नारा दे रहे हैं। हेमंत खुद संथाल जनजाति से हैं। जेल जाने के बाद उन्होंने अपनी दाढ़ी ऐसे बढ़ाई कि वे कुछ हद तक पिता शिबू सोरेन की तरह दिखने लगे। ऐसे में संथाल-परगना के जो लोग शिबू सोरेन को आज भी पूजते हैं, वो सीधे तौर पर हेमंत से कनेक्ट हो रहे हैं। पार्टी: JMM लीडर: कल्पना सोरेन कल्पना सोरेन गिरिडीह जिले के गांडेय सीट से चुनाव लड़ रही हैं। जून, 2024 में हुए उपचुनाव में उन्होंने इसी सीट से BJP के दिलीप वर्मा को 27 हजार वोट से हराया था। इस बार कल्पना 'मइयां सम्मान योजना' को लेकर महिला वोटर्स के बीच जा रही हैं। वे हर दिन 3 से 4 जनसभा कर रही हैं। उन्होंने अब तक 70 से ज्यादा जनसभाएं की। कल्पना आदिवासियों के लिए अलग सरना धर्म कोड बनाने की गारंटी दे रही हैं, जो ट्राइबल वोटर्स पर बड़ा असर डाल रहा है। इसका सीधा फायदा JMM को मिलता दिख रहा है। पार्टी: BJP लीडर: बाबूलाल मरांडी BJP के प्रदेश अध्यक्ष और झारखंड के पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी गिरिडीह जिले के धनवार सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। वे 2019 में भी यहीं से जीते थे। तब वे अपनी पार्टी झारखंड विकास मोर्चा के सिंबल पर मैदान में थे। बाद में उन्होंने पार्टी का BJP में विलय कर दिया। बाबूलाल मरांडी की लीडरशिप में BJP ने JMM के खिलाफ मजबूत घेराबंदी की है। पहले पार्टी ने चंपाई सोरेन को तोड़ा। फिर गठबंधन में आजसू के साथ JDU और LJP (रामविलास) को जोड़ लिया। BJP ने झारखंड के 4 पूर्व CM के रिश्तेदारों को टिकट देकर ट्राइबल सीटों पर ताकत बढ़ाई है। पार्टी: JLKM लीडर: जयराम महतो झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा यानी JLKM के अध्यक्ष जयराम महतो बेरमो डुमरी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। राज्य में 15% से ज्यादा कुर्मी वोटर्स हैं, जो आदिवासी समुदाय के बाद सबसे बड़ा वोट बैंक हैं। जयराम महतो कुर्मी समुदाय से आते हैं। वे गिरिडीह, धनबाद और बोकारो सीटों पर BJP और JMM के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। जयराम महतो पेपर लीक, रोजगार और कॉम्पिटिटिव एग्जाम में लोकल भाषाओं के इस्तेमाल जैसे मुद्दे उठा रहे हैं। संथाल की 18 सीटें तय करेंगी सत्ता का रास्ता सेकेंड फेज में JMM और BJP के नेता सबसे ज्यादा संथाल-परगना की 18 सीटों पर सभाएं कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ही दिन में यहां दो सभाएं कीं। अमित शाह, जेपी नड्डा सहित कई केंद्रीय मंत्री वोटिंग से पहले संथाल में कैंप कर रहे हैं। संथाल परगना की 18 सीटों में से 8 सीटें रिजर्व हैं। बरहेट, दुमका, जामा, शिकारीपाड़ा, महेशपुर, बोरिया और लिट्टीपाड़ा ST के लिए और देवघर SC के लिए आरक्षित है। बाकी 10 सीटें सामान्य हैं। BJP ने 2019 में संथाल की गोड्डा, राजमहल, देवघर और सारठ सीटें जीती थीं। इस बार पार्टी अच्छे कैंडिडेट सिलेक्शन और मौजूदा विधायकों के खिलाफ बनी एंटी इनकम्बेंसी की वजह से 6 से 8 सीटों पर मजबूत दिख रही है। हालांकि JMM को मुस्लिम और आदिवासी वोटर्स पर भरोसा है। उत्तरी छोटानागपुर से BJP को उम्मीदें, JMM के लिए कल्पना गेमचेंजर पॉलिटिकल एनालिस्ट और जर्नलिस्ट आनंद कुमार बताते हैं, ‘उत्तरी छोटानागपुर का इलाका BJP के लिए पहले से ही मजबूत रहा है। इस बार भी BJP अच्छा प्रदर्शन कर सकती है। हालांकि निरसा, गोमिया, चंदनकियारी जैसी सीटों पर BJP कमजोर हो रही है।‘ ‘संथाल परगना में 2019 में सिर्फ 4 सीटें मिलीं थी। इस बार पार्टी 6 सीटें जीत सकती है। राजमहल, गोड्‌डा, सारठ में कड़ा मुकाबला है, तो बोरियो, नाला, जरमुंडी और मधुपुर में BJP जीतने की स्थिति में है।‘ सरना धर्म कोड के मुद्दे से बढ़ी JMM की सियासी ताकत झारखंड में न्यूज नेटवर्क TV-45 के एडिटर अरुण वरनवाल कहते हैं, ‘कुछ सीटों को छोड़ दें तो राज्य की ज्यादातर सीटों पर कड़ा मुकाबला है। कोई पार्टी सीधे तौर पर दावा नहीं कर सकती कि वो सरकार बना रही है।‘ ‘दूसरे फेज की वोटिंग में संथाल अहम फैक्टर है। इन इलाकों में JMM का कब्जा रहा है। BJP इसमें सेंधमारी की कोशिश में जुटी हुई है। इसके बाद भी संथाल में आधी से ज्यादा सीटें INDIA ब्लॉक के पास जाएंगी।‘ ‘उत्तरी छोटानागरपुर में बाहर से आकर बसने वाले लोगों की संख्या ज्यादा है। इसका फायदा BJP को मिलता रहा है। मौजूदा स्थिति को देखें तो सेकेंड फेज में NDA को 15-17 सीटें और INDIA ब्लॉक को 21-23 सीटें मिलती दिख रही हैं।‘ चुनावी मुद्दे और योजनाओं पर अरुण कहते हैं, ‘JMM सरना धर्म कोड को मुद्दा बना रही है। ये संथाल के आदिवासी वोटर्स पर असर कर रहा है। BJP राज्य में डेमोग्राफी चेंज और घुसपैठ के मुद्दे के साथ मैदान में है। JMM चुनाव से पहले मास्टर स्ट्रोक के रूप में मंइयां योजना लेकर आई है। इसके अलावा बिजली बिल माफ करके भी लुभाने में लगी है।‘ BJP के घुसपैठ वाले एजेंडे के कारण INDIA ब्लॉक के साथ आए मुसलमान पॉलिटिकल एनालिस्ट मो. परवेज आलम कहते हैं, ‘चुनाव से पहले JMM सरकार को लेकर मुस्लिमों में बड़ी नाराजगी थी। 5 साल में मुसलमानों के लिए कोई बड़ी योजना नहीं लाई गई। उर्दू को द्वितीय राज्यभाषा की मान्यता देकर नौकरियां नहीं दी गईं।‘ 'BJP ने बंटोगे तो कटोगे का नारा देकर मुसलमानों में चुनाव से पहले डर पैदा किया। इसका असर मुस्लिम वोटर्स पर पड़ा और वे JMM की तरफ एकजुट हो गए।‘ ‘संथाल में विधानसभा की 18 सीटें हैं। यहां JMM हमेशा आगे रही है। ‌BJP की पूरी कोशिश इसे तोड़ने की है। यही वजह है कि उसने परिवर्तन यात्रा की शुरुआत भी इसी इलाके से की। BJP अब घुसपैठ, डेमोग्राफी चेंज और जमीन पर कब्जे जैसा मुद्दा उठाकर नैरेटिव गढ़ने की कोशिश कर रही है।‘ परवेज आलम कहते हैं, 'कांग्रेस INDIA गठबंधन की कमजोर कड़ी है। पिछली बार कांग्रेस ने 31 सीटों पर चुनाव लड़कर 16 सीटें जीती थीं। सेकेंड फेज में पार्टी 3-4 सीटें जीतती दिख रही है। कांग्रेस की परफॉर्मेंस से ही तय होगा कि INDIA ब्लॉक सरकार बनाता है या नहीं।‘ पॉलिटिकल पार्टियां क्या कह रहीं… JMM: BJP के पास कोई मुद्दा नहीं, चुनाव आते ही जांच एजेंसियां एक्टिव कर दीं JMM के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य कहते हैं, ‘BJP के पास चुनाव लड़ने के लिए कोई मुद्दा नहीं है। 5 साल के कार्यकाल में मुश्किलों के बावजूद हम आगे बढ़ते गए। पहले 2 साल कोरोना से लड़ते रहे, फिर 3 साल तक ED-CBI से लड़ते रहे। अब चुनाव आए हैं, तो जांच एजेंसियों को फिर से एक्टिव कर दिया गया है।‘ ‘जनता ये जानती है कि JMM ने उनकी जमीनें बचाई हैं। BJP ने झारखंड बनने से पहले ही उसकी पहचान के साथ समझौता किया। राज्य का नाम ही बदलकर वनांचल रख दिया। 23 तारीख को रिजल्ट आएगा, तो BJP दहाई का आंकड़ा नहीं छू पाएगी।‘ BJP: दो तिहाई बहुमत से सरकार बनाएंगे, NRC लागू करेंगे गोड्डा सीट से BJP सासंद निशिकांत दुबे कहते हैं, ‘चुनाव जीतकर सबसे पहले NRC लागू करेंगे। जो फेक वोटर कार्ड, आधार कार्ड और पैन कार्ड बनाकर रह रहे हैं, ये सब बाहर कर दिए जाएंगे। यहां रहने वाली मुस्लिम पॉपुलेशन का 60% घुसपैठिए हैं।‘ ‘जिन आदिवासी लड़कियों ने मुसलमानों से शादी की है, उनके बच्चों को आदिवासियों का दर्जा नहीं देंगे। शादी के बाद जिन लोगों की जमीनें कब्जाई गईं, हम उन्हें वापस लौटाएंगे।‘ कांग्रेस: INDIA ब्लॉक 61 सीटें जीतेगा झारखंड कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सीनियर लीडर राजेश ठाकुर कहते हैं, ‘कांग्रेस पार्टी जीत के लिए कॉन्फिडेंट है। पिछली बार BJP ने 65 पार का नारा दिया था, लेकिन वो 25 पर अटक गई। इस बार वो 51 सीटें जीतने का दावा कर रहे हैं यानी अब की बार उनकी सीटें 20 हो जाएंगी। इसका सीधा मतलब है कि INDIA ब्लॉक इस बार 61 सीटें जीत रहा है। ये हमारा नहीं बल्कि खुद BJP का गणित बता रहा है।‘ अब वोटर्स की बात… मंइयां योजना का सबसे ज्यादा असर, किसान JMM से नाराज झारखंड में पाकुड़ रेलवे स्टेशन पर कुली का काम करने वाले बिट्टू राम JMM सरकार के काम से खुश हैं। वे कहते हैं, ‘सरकार की मंइयां योजना में हमें हर महीने 1000 रुपए मिल रहा है। इससे कम से कम साग सब्जी का पैसा आ जाता है। थोड़ी राहत मिली है।‘ दुमका बाजार में रेडीमेड कपड़ों का बिजनेस करने वाले कमल शर्मा कहते हैं, ‘चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा बांग्लादेशी घुसपैठ का है। दुमका में बंगाल से बहुत ज्यादा लोग माइग्रेट करके आ गया है। ये लोग बंगाल में भी वोट देते हैं और यहां भी।‘ कल्पना सोरेन के विधानसभा क्षेत्र गांडेय के रहने वाले किसान नरेश सिंह कहते हैं, ‘किसानों को JMM सरकार ने कुछ नहीं दिया है। सिंचाई तक की व्यवस्था नहीं है। झारखंड का किसान इस बार बदलाव चाहता है।’ .................................................. झारखंड इलेक्शन से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें... 1. चंपाई सोरेन बोले- गांवों पर कब्जा कर रहे बांग्लादेशी, झारखंड में धर्मांतरण बढ़ा झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन बांग्लादेश से होने वाली घुसपैठ को सबसे बड़ा मुद्दा मानते हैं। 30 साल झारखंड मुक्ति मोर्चा में रहे चंपाई सोरेन इस बार पहली दफा BJP के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। इलेक्शन कैंपेन के दौरान दैनिक भास्कर ने चंपाई सोरेन से बात की। उनसे पार्टी बदलने, बांग्लादेशी घुसपैठ, लव-जिहाद और आदिवासियों की स्थिति पर सवाल पूछे। पढ़िए और देखिए पूरा इंटरव्यू... 2. 34% आदिवासी वोटर्स वाली सरायकेला सीट पर JMM का किला ढहाएंगे चंपाई 81 सीटों वाले झारखंड में 13 नवंबर को पहले फेज की वोटिंग होनी है। इस फेज में सरायकेला विधानसभा हॉट सीट बनी हुई है। BJP ने यहां 'कोल्हान टाइगर' कहे जाने वाले चंपाई सोरेन को टिकट दिया है। उनके खिलाफ JMM ने BJP के पुराने नेता गणेश महली को उतारा है। यहां सीधा मुकाबला दो बागियों के बीच है। सरायकेला में कौन मजबूत? पढ़िए पूरी रिपोर्ट...
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