1986 में भारत की क्रिकेट टीम इंग्लैंड दौरे पर गई थी, जहां कप्तान कपिल देव ने एक अप्रत्याशित निर्णय लिया. चेतन शर्मा की पीठ में खिंचाव के कारण टीम में बदलाव की आवश्यकता पड़ी, और कपिल देव ने मदन लाल को इंग्लैंड में क्लब क्रिकेट खेलते हुए टेस्ट मैच के लिए बुलाया. यह निर्णय कई लोगों के लिए चौंकाने वाला था, क्योंकि मदन लाल उस समय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बाहर थे. टीम में मनोज प्रभाकर भी थे पर उनको ना खिलाकर मदन लाल को टेस्ट मैच खिलाया गया.