१२ साल के रवि चहल की जो दिव्यांग है और क्रिकेट का सबसे बड़ा फैन है. पहले टेस्ट के दौरान इंग्लैंड के कुछ पूर्व खिलाड़ीयो ने रवि को कमेंट्री बॉक्स में बुलाकर मैच का लुत्फ उठाने का अवसर दिया जिसे वो ताउम्र नहीं भूल पायेंगे.रवि का जन्म इसी धरती पर हुआ. रवि के जन्म के कुछ समय बाद उन्हें पता चला की ईश्वर ने उसकी आँखों की रौशनी कहीं हद तक धूमिल कर दी है. मगर दृष्टि ना होने से हिम्मत ना हारते हुए रवि ने अपनी कमज़ोरी को ही अपना हथियार बना लिया. बचपन से ही खेल के प्रति रूचि रखने वाले रवि ने घुड़सवारी और स्विमिंग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जारी रखी.