तमिलनाडु में BJP का खाता खुलना मुश्किल:120-140 सीटों के साथ स्टालिन की वापसी के आसार, थलापति विजय को 5 से 15 सीटें

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तमिलनाडु की 234 सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग होनी है। सरकार बनाने के लिए 118 सीटें चाहिए। मुकाबला DMK और AIADMK के बीच है। एक तरफ CM एमके स्टालिन का द्रविड़ियन मॉडल और उनकी पॉपुलर योजनाएं हैं, दूसरी तरफ जयललिता की विरासत संभाल रही AIADMK और हिंदुत्व के सहारे पैर जमाने की कोशिश कर रही BJP का गठबंधन है। 20 दिन की चुनावी कवरेज के दौरान दैनिक भास्कर की टीम नॉर्थ तमिलनाडु में चेन्नई और वेल्लोर, वेस्ट में तिरुपुर, साउथ में मदुरै, रामनाथपुरम और सेंट्रल रीजन में त्रिची पहुंची। आम लोगों, सीनियर जर्नलिस्ट और पॉलिटिकल एक्सपर्ट के जरिए ये 3 बातें समझ आईं… 1. तमिलनाडु में स्टालिन सरकार की वापसी हो सकती है। DMK गठबंधन को 120 से 140 सीटें मिल सकती हैं। इनमें DMK को 100 से 110, कांग्रेस को 10 से 15 और गठबंधन की बाकी पार्टियों को भी 10 से 15 सीटें मिल सकती हैं। 2. दूसरी बड़ी पार्टी AIADMK के गठबंधन को 90 से 100 सीटों मिलने के आसार हैं। AIADMK को 70 से 80 सीटें मिल सकती हैं। 27 सीटों पर लड़ रही BJP का खाता खुलना मुश्किल है, लेकिन पार्टी ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया, तो 5 तक सीटें मिल सकती हैं। कोयंबटूर साउथ, तिरुनेलवेली, नागरकोइल, मोडाकुरिची और कारैकुडी सीट पर जीत के ज्यादा चांस हैं। गठबंधन की बाकी पार्टियों को 5 से 10 सीटें मिल सकती हैं। 3. तमिल फिल्मों से सुपरस्टार थलापति विजय की नई पार्टी TVK की एंट्री फीकी दिख रही है। पार्टी को 5 से 15 सीटें मिल सकती हैं। हालांकि पार्टी का वोट शेयर 12% रह सकता है। स्टालिन की वापसी की वजहें मजबूत गठबंधन, महिलाओं में पॉपुलर योजनाएं और स्टालिन की इमेज AIADMK-BJP क्यों पीछे AIADMK में झगड़ा, हिंदुत्व कार्ड का फेल होना, स्टालिन को घेर नहीं पाए थलापति विजय का किंगमेकर बनना क्यों मुश्किल एक्सपर्ट्स की राय स्टालिन ने चुनाव को तमिलनाडु Vs दिल्ली बनाया …………………………. तमिलनाडु से ये ग्राउंड रिपोर्ट भी पढ़िए… लोग बोले- हिंदी हम पर बोझ, तमिल हमारी मां भारत के 28 राज्यों में तमिलनाडु इकलौता है, जिसने अपने यहां तीन भाषा फॉर्मूला लागू नहीं किया। इसका असर चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन से बाहर निकलते ही दिखने लगता है। बिल्डिंग पर तीन भाषाओं तमिल, हिंदी और अंग्रेजी में बोर्ड लगा है। करीब आधा किमी दूर चेन्नई कॉर्पोरेशन की बिल्‍डिंग है। इस पर लगे बोर्ड से हिंदी गायब है। यहां के लोग तमिल भाषा को लेकर इमोशनल हैं। चेन्नई में मिलीं 40 साल की विजयलक्ष्मी कहती हैं, ‘तमिल मां की तरह है। हम इसमें स्वाभिमान देखते हैं।’ पढ़िए पूरी खबर...
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