दक्षिण अफ्रीका A के खिलाफ ध्रुव जुरेल ने दोनों पारियों मे शानदार शतक जमाया और बतौर बल्लेबाज खेलने का दावा पेश किया. शुरुआत से ही जुरेल बेहद संयमित दिखे. वे हर गेंद के पीछे पूरी तरह झुककर खेल रहे थे, सब कुछ अपनी आंखों के नीचे रखकर खेलते हुए. जैसे ही मौका मिला, उन्होंने पलटवार किया, और रनगति कभी थमी नहीं. कठिन विकेट पर यह पारी जुरेल के चरित्र और धैर्य की मिसाल थी.