भारत के सबसे बड़े फुटबॉल खिलाड़ीयों में से एक बाइचुंग भूटिया ने अमृत रत्न कार्यक्रम के दौरान न्यूज18 हिंदी के मंच से कहा कि भारत में टैलेंट की कमी नहीं है, असली चुनौती उसे पहचानना, ट्रेनिंग देना और खेलों के लिए अच्छा माहौल बनाना है. शिक्षा व्यवस्था में खेलों को प्राथमिकता और बच्चों को खेलने के लिए समय व प्रोत्साहन मिलना चाहिए. छोटे शहरों और नॉर्थ ईस्ट से फुटबॉल टैलेंट उभर रहा है, और अंडर-15, अंडर-16 स्तर पर क्रेज बढ़ा है; बच्चों को ज्यादा मौके देने से खेल का स्तर और ऊंचा होगा.