लोकसभा चुनाव के पहले फेज में 19 अप्रैल, यानी आज 21 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की 102 सीटों पर वोटिंग हो रही है। 2019 के चुनाव में इन्हीं सीटों पर BJP ने 40, DMK ने 24 और कांग्रेस ने 15 सीटें जीती थीं। अन्य को 23 सीटें मिली थीं। दैनिक भास्कर के रिपोर्टर पहले फेज की 102 में से 99 सीटों पर पहुंचे और जाना कि ‘हवा का रुख’ क्या है। इस बार BJP के नेतृत्व वाले NDA को 40 से 45 सीटें मिलती दिख रही हैं। विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक को 42 से 47 सीटें मिल सकती हैं। बाकी सीटें या तो अन्य के खाते में जा रही हैं या वहां कड़ा मुकाबला है। पश्चिम बंगाल में BJP तीनों सीटें जीतते दिख रही है। तमिलनाडु में INDIA ब्लॉक क्लीन स्वीप करेगा। मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में कड़ी टक्कर दिख रही है। राज्य: तमिलनाडु, कुल सीट: 39, वोटिंग: सभी 39 सीटों पर
संभावित स्कोर
DMK-कांग्रेस अलायंस: 32-37 सीटें
AIADMK अलायंस: 3-0
BJP: 2-0 सीटों के लिहाज से साउथ के सबसे बड़े राज्य तमिलनाडु में BJP की कोशिश है कि उसका खाता खुल जाए। DMK की राज्य में पकड़ और मुख्यमंत्री स्टालिन की योजनाओं की वजह से यहां BJP के लिए जगह बना पाना फिलहाल मुश्किल है। उसने स्टेट प्रेसिडेंट और IPS अफसर रह चुके अन्नामलाई पर दांव खेला है। अन्नामलाई कोयंबटूर से चुनाव लड़ रहे हैं। BJP को यहीं जीत की उम्मीद सबसे ज्यादा है। तमिलनाडु में DMK-कांग्रेस अलायंस सबसे मजबूत नजर आ रहा है। उसे 39 में से 32-37 सीटें मिल सकती हैं। राज्य की दूसरी बड़ी पार्टी AIADMK के लिए ये चुनाव अस्तित्व बचाने की लड़ाई है। पार्टी का फोकस भी नंबर दो की पोजिशन बनाए रखने पर है। DMDK के साथ उसका गठबंधन है। इस अलायंस को 3-0 सीटें मिलने के आसार हैं। BJP के पास तमिलनाडु में खोने के लिए कुछ नहीं है। उसका वोट पर्सेंट 3 से बढ़कर 15% होने के आसार हैं, हालांकि सीट 2-0 आ सकती हैं। राज्य: राजस्थान, कुल सीट: 25, वोटिंग: 12 सीट पर
संभावित स्कोर
BJP: 5
कांग्रेस: 1
अन्य: 1
5 सीटों पर कड़ा मुकाबला पहले फेज में राजस्थान की 12 सीटों श्रीगंगानगर, बीकानेर, चूरू, नागौर, झुंझुनूं, सीकर, जयपुर, जयपुर ग्रामीण, अलवर, भरतपुर, दौसा और करौली-धौलपुर में वोटिंग होगी। फिलहाल बढ़त में BJP है, लेकिन कांग्रेस भी टक्कर दे रही है। 2019 चुनाव में कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाई थी, इस बार उसे कम से कम खाता खुलने की उम्मीद है। जयपुर सिटी सीट पर BJP मजबूत दिख रही है। वहीं जयपुर रूरल सीट पर बराबरी का मुकाबला है। शेखावाटी की सीकर, चूरू और झुंझुनूं सीट पर मुकाबला आमने-सामने का है। इसमें झुंझुनूं सीट कांग्रेस जीत सकती है। दौसा में एक ही जाति के प्रत्याशी होने के बावजूद मुकाबला पेचीदा है। नागौर में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक हनुमान बेनीवाल को हरा पाना BJP के लिए मुश्किल है। बीकानेर से मौजूदा कानून मंत्री और PM मोदी के करीबी माने जाने वाले अर्जुनराम मेघवाल चुनाव लड़ रहे हैं। मुकाबले में गहलोत सरकार में मंत्री रहे गोविंदराम मेघवाल हैं। अलवर से केंद्रीय वन, पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव BJP के उम्मीदवार हैं। ये सीटें BJP आसानी से निकालते दिख रही है। राज्य: उत्तरप्रदेश: कुल सीट: 80, वोटिंग: 8 सीट पर
संभावित स्कोर
BJP: 4
INDIA ब्लॉक: 4 यूपी में पहले फेज की 8 सीटें बराबर बंटती दिख रही हैं। 4 सीटों पीलीभीत, सहारनपुर, कैराना और मुजफ्फरनगर सीट पर सपा गठबंधन बढ़त बना रहा है। मुजफ्फनगर सीट से केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान चुनाव लड़ रहे हैं। वरुण गांधी का टिकट कटने के बाद पीलीभीत सीट पर BJP के लिए चैलेंज बढ़ गया है। 4 सीटों रामपुर, मुरादाबाद, बिजनौर और नगीना में BJP अच्छी स्थिति में दिख रही है। 2019 के चुनाव में इन चारों सीटों पर BJP हारी थी। 2019 में समाजवादी पार्टी को 2 सीटों रामपुर और मुरादाबाद में जीत मिली थी। रामपुर में सपा को 64.4% और मुरादाबाद में 68.3% वोट मिले थे। पोलराइजेशन से उसका वोट शेयर 10% तक कम हो सकता है। नगीना सीट पर आजाद समाज पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर गेमचेंजर हैं। हालांकि उनकी जीत के चांस कम ही हैं। राज्य: मध्यप्रदेश, कुल सीट: 29, वोटिंग: 6 सीट पर संभावित स्कोर
BJP: 4
कांग्रेस: 2 मध्यप्रदेश में पहले फेज में छिंदवाड़ा समेत 6 सीटों पर वोटिंग होनी हैं। बाकी 5 सीटें मंडला, सीधी, बालाघाट, शहडोल और जबलपुर हैं। मोदी फैक्टर, राम मंदिर और SC-ST वोट के सहारे BJP 2019 का रिजल्ट दोहराने की कोशिश में है। जब उसे 28 सीटें मिली थीं। पार्टी को इस बार छिंदवाड़ा जीतने का भरोसा है। कांग्रेस लीडर कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ यहां से सांसद हैं। कांग्रेस ने उन्हें ही कैंडिडेट बनाया है। BJP ने विवेक बंटी साहू को टिकट दिया है। यही सीट है, जहां कांग्रेस के जीत के सबसे ज्यादा चांस हैं। मंडला से BJP ने केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते को उतारा है। कुलस्ते विधानसभा चुनाव हार गए थे। अगर आदिवासी वोट बंटे तो लोकसभा सीट में जीत आसान नहीं होगी। महाराष्ट्र: कुल सीट: 48, 5 सीटों पर वोटिंग
संभावित स्कोर:
NDA: 4
INDIA ब्लॉक: 1
महाराष्ट्र में पहले फेज वाली पांचों सीटें विदर्भ रीजन में आती हैं। इन्हीं में नागपुर भी है, जहां से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी चुनाव लड़ रहे हैं। उनके खिलाफ कांग्रेस ने विकास ठाकरे को उतारा है। 1952 में पहले चुनाव के बाद से कोई कैंडिडेट नागपुर से लगातार तीन बार नहीं जीता है। गडकरी यहां से दो बार जीत चुके हैं। यहां BJP की लड़ाई जीत का अंतर बढ़ाने की है। चंद्रपुर सीट छोड़ दी जाए तो महाविकास अघाड़ी बाकी 4 सीटों पर NDA के सामने टिकता नहीं दिख रहा है। डॉ. भीमराव अंबेडकर के पोते प्रकाश अंबेडकर की वंचित बहुजन अघाड़ी दलित वोट लेकर महाविकास अघाड़ी को नुकसान पहुंचा सकती है। इसका फायदा BJP को होगा। उत्तराखंड: कुल सीट-5, पांचों पर वोटिंग
संभावित स्कोर
BJP: 5
कांग्रेस: 0
उत्तराखंड की पांचों लोकसभा सीटों टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, हरिद्वार, नैनीताल-उधम सिंह नगर और अल्मोड़ा सीट पर BJP के पास बढ़त दिखाई दे रही है। हालांकि पौड़ी और हरिद्वार सीट पर BJP और कांग्रेस में टक्कर है। टिहरी लोकसभा सीट पर BJP की कैंडिडेट माला राजलक्ष्मी शाह चौथी बार चुनाव लड़ रही हैं। उनका मुकाबला कांग्रेस के जोत सिंह गुनसोला से है। 2012 में उपचुनाव जीतने के बाद से माला राजलक्ष्मी शाह लगातार यहां से जीत रही हैं। पौड़ी गढ़वाल सीट पर BJP के अनिल बलूनी के सामने कांग्रेस के गणेश गोदयाल हैं। BJP ने इस सीट पर तीरथ सिंह रावत का टिकट काटकर अनिल बलूनी को दिया है। 2014 से ये सीट BJP के कब्जे में है। यहां पलायन के अलावा अंकित भंडारी मर्डर केस भी चुनावी मुद्दा बना रहा। हालांकि गणेश गोदियाल के मुकाबले अनिल बलूनी का पलड़ा भारी दिख रहा है। हरिद्वार सीट पर बड़ा फैक्टर जातिवाद और मुस्लिम कम्युनिटी है। यहां करीब 27% मुस्लिम वोट हैं। 24% ठाकुर, 22% ब्राह्मण, 22% SC-ST और 5% प्रतिशत अन्य हैं। यहां इस बार पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का मुकाबला कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के बेटे वीरेंद्र रावत से हैं। इस सीट पर BSP का भी अच्छा-खासा वोट बैंक है। इसके बावजूद ये सीट BJP के लिए सेफ मानी जा रही है। नैनीताल-उधम सिंह नगर से BJP ने मौजूदा सांसद अजय भट्ट को टिकट दिया है। उनके सामने कांग्रेस ने प्रकाश जोशी को उतारा है। वे 2012 और 2017 में विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन दोनों बार हार गए। इस लिहाज से अजय भट्ट उनके सामने मजबूत दिख रहे हैं। रिजर्व सीट अल्मोड़ा से BJP के अजय टम्टा मैदान में हैं। उनका मुकाबला कांग्रेस के प्रदीप टम्टा से है। अजय टम्टा 2014 और 2019 में लगातार चुनाव जीत चुके हैं। उनसे पहले 2009 में प्रदीप टम्टा यहां से सांसद थे। अल्मोड़ा सीट पर मोदी फैक्टर का ज्यादा असर है। बिहार: कुल सीट: 40, 4 सीट पर वोटिंग संभावित स्कोर
NDA: 4
INDIA ब्लॉक: 0 बिहार में पहले फेज में चार सीटों जमुई, गया, औरंगाबाद और नवादा में वोटिंग होनी है। चारों सीटों पर बढ़त NDA के पास है। जमुई सीट से चिराग पासवान की लोकजन शक्ति पार्टी (रामविलास) के कैंडिडेट अरुण भारती का पलड़ा भारी है। 2019 में यहां से चिराग पासवान ने चुनाव जीता था। गया पर कास्ट पॉलिटिक्स सबसे बड़ा फैक्टर है। NDA की तरफ से यहां बिहार के पूर्व CM जीतन राम मांझी चुनाव लड़ रहे हैं। यहां राममंदिर का मुद्दा वोट में बदलता दिख रहा है। यही वजह है कि राम को काल्पनिक बताने वाले मांझी अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन कर आए। औरंगाबाद में NDA ने BJP के सुशील सिंह को कैंडिडेट बनाया है। INDIA ब्लॉक से RJD से अभय कुशवाहा कैंडिडेट हैं। इस सीट से कांग्रेस के निखिल कुमार दावेदार थे, लेकिन ये सीट RJD को मिल गई। पार्टी ने अभय कुशवाहा को मैदान में उतारा है। इससे कांग्रेस का कोर वोटर पाला बदल सकता है। यही वजह कि सुशील सिंह का पलड़ा भारी दिख रहा है। नवादा में BJP ने पूर्व केंद्रीय मंत्री सीपी ठाकुर के बेटे डॉ. विवेक ठाकुर को कैंडिडेट बनाया है। उनका मुकाबला RJD के श्रवण कुशवाहा से है। भूमिहार और यादव बहुल इस सीट पर RJD और BJP के बीच सीधी लड़ाई है, लेकिन RJD में रहे राजवल्लभ यादव के भाई विनोद यादव पार्टी से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। इससे मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। यादव वोट में फूट पड़ने से विवेक ठाकुर की स्थिति मजबूत हो गई है। पश्चिम बंगाल: कुल सीट: 42, 3 सीटों पर वोटिंग
संभावित स्कोर
BJP: 3
TMC:0 पश्चिम बंगाल में पहले फेज में तीन सीटों कूचबिहार, अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी में वोटिंग होगी। 2019 में BJP ने तीनों सीटें जीती थीं। इन सीटों पर 40% राजबंशी वोट और टी वर्कर्स का वोट अहम है। कूचबिहार से 2019 में BJP के निशिथ प्रमाणिक जीते थे। वे राजबंशी कम्युनिटी से आते हैं और अभी गृह राज्य मंत्री हैं। उनके खिलाफ TMC ने सिताई सीट से विधायक जगदीश चंद्र बसुनिया को टिकट दिया है। कम्युनिटी के वोट बैंक की वजह से निशिथ TMC कैंडिडेट पर भारी पड़ते दिख रहे हैं। 2021 के विधानसभा चुनाव में दिनहाटा और सिताई को छोड़कर 7 में से 5 सीटें BJP ने जीती थीं। दिनहाटा और सिताई सीट TMC के खाते में गई थीं। जलपाईगुड़ी सीट से मौजूदा सांसद जयंत कुमार रॉय BJP के उम्मीदवार हैं। TMC ने उनके सामने दुपगुरी से विधायक निर्मल चंद रॉय को उतारा है। यहां की 7 विधानसभा सीटों में से 5 पर TMC का कब्जा है। 2019 में जयंत कुमार रॉय को करीब 51% वोट मिले थे। इस बार भी उन्हें बढ़त नजर आ रही है। अलीपुरद्वार सीट से BJP ने मदारीहाट विधायक मनोज तिग्गा को टिकट दिया है। इस सीट की सभी 7 विधानसभा सीटों पर BJP का कब्जा है। यहां कुल वोटर्स में 80% एससी और एसटी समुदाय के हैं। उनका झुकाव BJP की ओर है। यही वजह है कि BJP यहां मुकाबले में आगे है। TMC ने इस सीट से राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाइक को टिकट दिया है। राज्य: छत्तीसगढ़, कुल सीट: 11, वोटिंग: 1 सीट पर संभावित स्कोर: तय नहीं, बराबरी का मुकाबला
छत्तीसगढ़ में पहले फेज में बस्तर सीट पर वोटिंग होनी है। यहां कांग्रेस के पूर्व मंत्री कवासी लखमा और BJP के उम्मीदवार महेश कश्यप के बीच मुकाबला है। 2019 में ये सीट कांग्रेस ने जीती थी। यहां 80% आबादी आदिवासी है। इस सीट के तहत 8 विधानसभा सीटें आती हैं, इनमें से 5 में BJP के विधायक हैं। कवासी लखमा की आदिवासी कम्युनिटी में पॉपुलैरिटी BJP के लिए बड़ी चुनौती है। जम्मू-कश्मीर : कुल सीट: 5, वोटिंग: 1 सीट पर संभावित स्कोर BJP: 1 INDIA ब्लॉक: 0 जम्मू-कश्मीर में पहले फेज में उधमपुर पर वोटिंग होनी है। यहां से मौजूदा सांसद और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह को BJP ने दोबारा टिकट दिया है। उनका मुकाबला कांग्रेस के चौधरी लाल सिंह से है। उधमपुर लोकसभा सीट में 5 जिले हैं। कठुआ और उधमपुर जिले में हिंदू वोटर्स ज्यादा हैं। डोडा, रामबन और किश्तवाड़ में मुस्लिम वोटर्स ज्यादा हैं। पहले मुस्लिम वोटर कांग्रेस और दूसरी रीजनल पार्टियों जैसे नेशनल कॉन्फ्रेंस, PDP, पैंथर्स पार्टी में बंटे रहते थे। इस बार नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ रही हैं। ऐसे में मुस्लिम वोटर्स INDIA ब्लॉक और गुलाम नबी आजाद की पार्टी DPAP के प्रत्याशी जी.एम. सरूरी के बीच बंटेंगे। बदले समीकरणों से BJP को कड़ी टक्कर मिल सकती है, लेकिन जीत की संभावनाएं ज्यादा BJP के पक्ष में ही हैं। नॉर्थ ईस्ट: कुल सीट: 25, पहले फेज में 15 सीटों पर वोटिंग संभावित स्कोर
NDA: 11
INDIA ब्लॉक: 2
अन्य: 2 नॉर्थ ईस्ट में पहले फेज में अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम में वोटिंग पूरी हो जाएगी। सिर्फ असम, मणिपुर और त्रिपुरा में आगे के फेज में भी वोटिंग होगी। इन 8 राज्यों की 15 सीटों पर चुनाव हैं। इनमें से NDA 11 सीटों पर जीतता दिख रहा है। असम की पांचों सीट काजीरंगा, सोनितपुर, लखीमपुर, डिब्रूगढ़ और जोरहाट पर BJP का पलड़ा भारी है। डिब्रूगढ़ से पूर्व CM सर्बानंद सोनोवाल चुनाव लड़ रहे हैं। असम से सटे मणिपुर की 2 सीटों आउटर मणिपुर और इनर मणिपुर पर वोटिंग होगी। आउटर मणिपुर में 2 फेज में वोटिंग होगी। BJP सिर्फ इनर मणिपुर से चुनाव लड़ रही है। आउटर मणिपुर सीट पर उसने NPF को समर्थन दिया है। आउटर मणिपुर सीट पर कुकी समुदाय के वोटर ज्यादा हैं। मणिपुर में चल रही हिंसा की वजह से BJP गठबंधन आउटर मणिपुर पर हार सकता है। इनर मणिपुर में मुकाबला टफ है, लेकिन BJP यहां जीत सकती है। मिजोरम में BJP और कांग्रेस चुनाव लड़ रही हैं, लेकिन दोनों मुकाबले में नहीं हैं। यहां लोकल पार्टियां मजबूत हैं। मुकाबला सरकार चला रही ZPM और MNF के बीच है। मिजोरम, सिक्किम और नगालैंड के बारे में कहा जाता है कि यहां सरकार चला रही पार्टी ही लोकसभा चुनाव जीतती है। इस लिहाज से मिजोरम में ZPM और सिक्किम से SKM गठबंधन और नगालैंड से BJP की सहयोगी पार्टी NDPP सीट निकाल सकता है। अरुणाचल की ईसाई आबादी मणिपुर हिंसा की वजह से BJP से नाराज है, लेकिन एक्सपर्ट मानते है कि इससे सिर्फ BJP के वोट कम होंगे, पार्टी यहां की दोनों सीटें जीत सकती है। मेघालय में दोनों सीटों शिलॉन्ग और तूरा पर BJP सीधे मुकाबले में नहीं है। यहां उसकी सहयोगी पार्टी NPP चुनाव लड़ रही है। एक्सपर्ट मान रहे है कि शिलॉन्ग सीट कांग्रेस जीत सकती है। तूरा पर NPP का दावा मजबूत है। मेघालय से सटे त्रिपुरा में BJP दोनों सीटों पर मजबूत है। यहां त्रिपुरा मोर्चा CAA को बड़ा मुद्दा बना सकता था, लेकिन BJP ने उसे अपने साथ कर लिया। ................................................... देश के राज्यों में कैसा है हवा का रुख, ये भी पढ़िए