बातचीत के दौरान बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक से पूछा गया कि उनरो लगता है कि एक बैटिंग कोच इतने लंबे बैटिंग पीरियड से संतुष्ट है, जिसे दूसरी पारी में डीप बैटिंग कहते हैं, लंबे समय तक पिच पर खड़े रहना. तो कोच का जवाब था कि मुझे लगता है कि हमारे खिलाड़ी इतने कुशल हैं कि अगर वे रन की तलाश नहीं भी करते हैं, तो वे चार रन की औसत से रन बना सकते हैं. आक्रामक बैटिंग किसे कहते हैं अगर हम 90 ओवर, 360 ओवर कर रहे हैं, तो यह आक्रामक बैटिंग ही है. लेकिन मानसिकता यह है कि हम बाउंड्री की तलाश नहीं करेंगे.