गौतम गंभार वास्तव में परवाह नहीं करते , और यही सबसे अच्छी बात है. उनमें खुद को अलग-थलग रखने और अपने फैसलों पर नियंत्रण रखने की जन्मजात क्षमता है. वह वाकई गलत हो सकते हैं और कई बार उन्होंने गलत किया है और आगे करेंगे भी. लेकिन यह उन्हें कड़े फैसले लेने और अपने फैसलों की ज़िम्मेदारी लेने से कभी नहीं रोकेगा. इंग्लैंड में वाशिंगटन सुंदर को खिलाना ऐसा ही एक उदाहरण था. वाशिंगटन ने अंततः भारत को ओवल टेस्ट जिताने में अहम भूमिका निभाई, और इस फैसले के लिए गंभीर को बहुत श्रेय दिया जाना चाहिए.