हेडिंग्ले टेस्ट में भी हमने देखा कि पिच पर घास थी लेकिन मैच के पहले दिन में घास कम हो गई. कल एजबेस्टन की पिच पर थोड़ी घास थी. एक दिन बाद, यह कम हो गई. अगर कल तक यह पूरी तरह खत्म हो जाए तो कोई आश्चर्य नहीं होगा. अब हर कोई जानता है कि इंग्लैंड किस तरह की पिच पर खेलना चाहता है. उनके पास बहुत अधिक सीम मूवमेंट नहीं है. पर्याप्त उछाल वाली पिच, जो बल्लेबाजों की मदद करती है, उनकी इच्छा है. जितना कम टूट-फूट होगी, उनके लिए उतना ही बेहतर होगा