सच तो यह है कि रविवार का नतीजा ईश्वर का दिया हुआ है. अगर पाकिस्तान जीत जाता, तो वे कुछ अजीब कर बैठते और टूर्नामेंट में उथल-पुथल मच जाती. साहिबज़ादा फ़रहान ने जो किया या हारिस रऊफ़ ने जो किया, उससे पता चलता है कि क्या होने वाला था अगर नतीजा उनके पक्ष में जाता, तो वे अपने गुस्से पर काबू नहीं रख पाते और पूरी संभावना थी कि मामला मैदान पर किसी और करवट ले लेता.