21 जनवरी को OpenAI ने अगले 4 वर्षों में Oracle और SoftBank के साथ 43.32 लाख करोड़ रुपए (500 बिलियन डॉलर) निवेश करने की घोषणा की। इस निवेश से डेटा सेंटर्स बनाना और OpenAI की जनरेटिव एआई को मजबूत करना है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस इन्वेस्टमेंट की तारीफ की है। आज मेगा एंपायर में कहानी अमेरिका की OpenAI कंपनी की… अमेरिका की OpenAI कंपनी बनने के पीछे की कहानी किसी साइंस-फिक्शन फिल्म जैसी है। जहां कुछ लोग एक ऐसी तकनीक बनाने के लिए साथ आते हैं, जो ह्यूमैनिटी का भविष्य बदल सकें। साल 2013, अमेरिका के सिलिकॉन वैली में टेक्नोलॉजी की दुनिया अपने शिखर पर थी। उस समय इलॉन मस्क Tesla और SpaceX के जरिए पहले से ही दुनिया का भविष्य बदलने का सपना देख रहे थे। 28 जून 2013 को कैलिफोर्निया के नापा वैली में इलॉन मस्क की बर्थडे पार्टी थी। इस दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बहस छिड़ी। जिस पर मस्क ने कहा, ‘अगर हम AI को सही दिशा में विकसित नहीं करेंगे, तो यह इंसानों से आगे निकलकर हमें ही खतरे में डाल सकती है।’ मस्क की इस बात पर वहां मौजूद गूगल के को-फाउंडर लेरी पेज ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा- यदि मशीनें इंसानों से आगे निकलती हैं तो इससे क्या फर्क पड़ेगा? यही तो इवोल्यूशन है। मस्क ने महसूस किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की शक्ति जितनी उपयोगी हो सकती है, उतनी ही खतरनाक भी। उन्हें ऐसा लगा कि अगर ये तकनीक किसी गलत इंसान के हाथों में गई तो इससे नुकसान बहुत ज्यादा हो सकता है। इसके बाद मस्क की चिंता और बढ़ गई। साल 2015 में मस्क ने अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा से AI से आने वाले खतरों पर बात की और इसकी निगरानी के सुझाव दिए। हालांकि मस्क को निराशा हाथ लगी। इसी चिंता में उन्होंने एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाने के बारे में सोचा, जहां AI का डेवलपमेंट केवल ज्यादा प्रॉफिट के लिए नहीं, बल्कि लोगों की भलाई के लिए हो। मस्क ने सॉफ्टवेयर आंत्रप्रेन्योर और Y Combinator के चेयरमेन सैम ऑल्टमैन से मुलाकात की। इसके बाद साइबर सिक्योरिटी कंपनी पालो ऑल्टो में एक डिनर के दौरान एक नॉन-प्रॉफिटेबल आर्टिफिशियल-इंटेलिजेंस-रिसर्च लैब शुरू करने का फैसला लिया और इसका नाम OpenAI रखा। मस्क ने कहा- ये सॉफ्टवेयर को ओपन सोर्स बनाएगा और इस फील्ड में गूगल के बढ़ते डॉमिनेंस को काउंटर करने की कोशिश करेगा। 11 दिसंबर 2015 को OpenAI ऑफिशियली लॉन्च हुआ। तब इसे इलॉन मस्क, सैम ऑल्टमैन, ग्रेग ब्रॉकमैन, इल्या सुतस्केवर, वोजेक जरंबा, जॉन शुलमैन जैसे टेक्निकल एक्सपर्ट्स और AI रिसर्चर ने मिलकर शुरू किया था। साल 2024 में कंपनी के लिए 57,167 करोड़ रुपए जुटाए, जिसके बाद कंपनी का वैल्यूएशन 13.60 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया। OpenAI का मकसद सिर्फ प्रॉफिट कमाना नहीं है। यह अब भी ‘capped-profit’ मॉडल पर काम करता है। इसका मतलब है कि इन्वेस्टर्स सिर्फ सीमित मुनाफा ही कमा सकते हैं। शुरुआत में आठ हजार करोड़ रुपए की फंडिंग
जब OpenAI लॉन्च हुआ, तब इसका मिशन साफ था। आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (AGI) को डेवलप करना, जो सबके लिए फायदेमंद हो। शुरुआत में इलॉन मस्क, सैम ऑल्टमैन के साथ बाकी इन्वेस्टर्स और रिसर्चर ने इसे चलाने के लिए फाइनेंशियली सपोर्ट किया। शुरुआत में निवेशकों ने 8663 करोड़ रुपए की फंडिंग की। OpenAI ने शुरू में दावा किया कि वो अगले कुछ सालों में इस अमाउंट का कुछ हिस्सा ही खर्च कर पाएंगे। फंड की कमी और मस्क का अलग होना
सब कुछ प्लान के मुताबिक चल रहा था, लेकिन 2018 में कहानी ने एक नया मोड़ लिया। AI पर रिसर्च में बहुत ज्यादा खर्च हो रहा था। एक AI मॉडल को विकसित करने में करोड़ों डॉलर लग रहे थे। तब कंपनी के मैनेजमेंट को महसूस हुआ कि सिर्फ डोनेशन के भरोसे यह मिशन पूरा नहीं होगा। इसी बीच साल 2018 में ही मस्क ने भी OpenAI छोड़ दिया क्योंकि Tesla का AI डिवीजन भी तेजी से बढ़ रहा था, जिससे काम में तालमेल बैठाना मुश्किल हो रहा था। इसके बाद 2019 में OpenAI ने खुद को नॉन-प्रॉफिटेबल से कैप्ड-प्रॉफिट में बदल दिया। इसके बाद OpenAI ने एक नई ब्रांच बनाई, जिसे OpenAI LP कहा गया। इस फैसले ने काफी विवाद खड़ा किया, लेकिन सैम ऑल्टमैन ने कहा, ‘हम अपने मिशन को आगे बढ़ाने के लिए पैसा कमाएंगे, लेकिन यह हमेशा लोगों की भलाई के लिए रहेगा।’ इसी समय Microsoft ने OpenAI में 1 बिलियन डॉलर का बड़ा निवेश किया और OpenAI का काम तेजी से बढ़ने लगा। OpenAI के पॉपुलर प्रोडक्ट्स OpenAI ने 2020 में GPT-3 लॉन्च किया, जो भाषा समझ सकता है और उसे इंसानों की तरह लिख सकता था। जनवरी 2021 में, OpenAI ने Dall-E लॉन्च किया, जो एक जेनरेटिव AI मॉडल है। ये यूजर के लिखे गए टेक्स्ट के बेसिस पर फोटो बनाता है। नवंबर 2022 में कंपनी का सबसे मशहूर प्रोडक्ट ChatGPT रिलीज हुआ। इसे दुनिया का सबसे एडवांस्ड चैटबॉट कहा गया था, क्योंकि यह यूजर्स को हर विषय का जवाब देने की कैपेसिटी रखता था। लॉन्चिंग के मात्र 5 दिनों में ChatGPT ने 10 लाख यूजर्स पार कर लिए। इसके साथ ही AI आधारित एप्स की दुनिया में यह सबसे तेजी से लोकप्रिय होने वाला प्रोडक्ट बन गया। रिसर्च- श्रेयांश गौर ------------------------------------------- मेगा एंपायर की ये खबर भी पढ़िए... मेगा एंपायर- 64 हजार करोड़ की जीरोधा ब्रोकर:कॉल सेंटर में नौकरी करने वाले दो भाइयों ने बनाई 1.6 करोड़ यूजर्स की कंपनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहला पॉडकास्ट इंटरव्यू हाल ही में बिजनेसमैन निखिल कामत ने लिया है। निखिल न तो कोई जर्नलिस्ट हैं, न ही कोई फेमस यूट्यूबर। वे तो स्टॉक ट्रेडिंग की दुनिया के जाने-माने खिलाड़ी हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें...