मेगा एंपायर- 3 कर्मचारियों से शुरू हुई ‘नायका’:एक बैंकर ने खड़ी की 6,386 करोड़ रुपए की कंपनी

1 year ago 8
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मेकअप, ब्यूटी और फैशन इंडस्ट्री का फेमस ब्रांड है नायका। इसकी फाउंडर हैं- फाल्गुनी नायर। 2012 में जब इसकी नींव रखी गई, तब नाम था- FSN ई-कॉमर्स वेंचर्स यानी फाल्गुनी संजय नायर ई-कॉमर्स वेंचर्स। फाल्गुनी एक अच्छे जॉब में थीं, अचानक उन्हें बिजनेस करने का ख्याल आया और उन्होंने नौकरी से रिजाइन कर दिया। 6,386 करोड़ रुपए रेवेन्यू वाली कंपनी नायका के प्लेटफॉर्म पर इस समय 4000 से ज्यादा ब्रांड्स मौजूद हैं। आज मेगा एंपायर में बात ई-कॉमर्स ब्रांड ‘नायका’ की करते हैं… फाल्गुनी का जन्म 19 फरवरी 1963 को मुंबई के गुजराती परिवार में हुआ था। उनके पिता एक छोटी बियरिंग कंपनी चलाते थे। इस काम में उनकी मां सहायता करती थीं। इस वजह से फाल्गुनी के मन में बचपन से ही बिजनेस करने का ख्याल था। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि शेयर बाजार और बिजनेस पर उनके घर में पहले से ही चर्चा होती थी। बीकॉम की पढ़ाई करने के बाद उनकी नौकरी एएफ फर्ग्यूसन कंपनी में लग गई। यहां फाल्गुनी बतौर मैनेजमेंट कंसल्टेंट काम करने लगीं। बैंक की नौकरी के साथ IIM से किया एमबीए 1993 में फाल्गुनी कोटक महिंद्रा ग्रुप के साथ इन्वेस्टमेंट बैंकर के तौर पर जुड़ गईं। इस ग्रुप के साथ उन्होंने 19 साल तक काम किया। 2005 में वे कोटक महिंद्रा में मैनेजिंग डायरेक्ट बनीं। इसी नौकरी के दौरान उन्हें एमबीए करने का ख्याल आया। IIM अहमदाबाद में उन्होंने एडमिशन ले लिया। इस कोर्स के दौरान ही फाल्गुनी की मुलाकात कई ऐसे लोगों से हुई, जिनसे मिलने के बाद फाल्गुनी खुद का बिजनेस करने की सोचने लगी। वह बस सही वक्त का इंतजार कर रही थीं। एक दिन उनकी बेटी अद्वैता ने उन्हें सीवी कवाफी की कविता 'इथाका' सुनाई। इससे फाल्गुनी इतनी प्रभावित हुईं कि नौकरी छोड़कर अपनी कंपनी शुरू करने का फैसला कर लिया। इस वक्त फाल्गुनी 49 साल की थीं। नायका में लगाए खुद के 16 करोड़ रुपए 12 अप्रैल, 2012 को फाल्गुनी की उम्र 50 साल हो गई थी। इसी साल उन्होंने ‘नायका’ की शुरुआत एक रिटायरमेंट प्लान के तौर पर की। उन्हें लगा कि एक ऐसा प्लेटफाॅर्म बनाना चाहिए, जहां से महिलाएं ब्यूटी और वेलनेस से जुड़े सारे प्रोडक्ट आसानी से खरीद सकें। फाल्गुनी नायर के मुताबिक, 'जब कंपनी की शुरुआत की तब ब्यूटी प्रोडक्ट्स का मार्केट अछूता था। ऐसा लग रहा था कि जल्द ही यहां एक धमाका होने वाला है। ऐसे में पूरा ध्यान इस मार्केट को ऑनलाइन लाकर सभी सौंदर्य उत्पाद की जरूरतों को पूरा करने पर था। उस दौर में जब सभी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म भारी छूट देकर कस्टमर जुटाने में लगे थे, नायका ने ऐसा नहीं किया। इससे नायका के पास एक डेडिकेटेड कस्टमर बेस बना।' फाल्गुनी और उनकी टीम का यह प्लान सक्सेसफुल हो गया। 2014 में सिकोइया कैपिटल इंडिया ने 'नायका' में करीब 7 करोड़ का निवेश किया। फिर क्या था, इसके बाद कंपनी के पास निवेशकों की लाइन लग गई। 2015 में अतुल निसार और 2016 में हर्ष मारीवाला 'नायका' के इन्वेस्टर बने। दिलीप पाठक, टीवीएस कैपिटल और स्टेडव्यू कैपिटल से कुछ बड़े निवेशक भी कंपनी को मिले। ऑनलाइन स्टोर के पाॅपुलर होने के बाद खोला ऑफलाइन स्टोर नायका का ऑनलाइन स्टोर पॉपुलर होने लगा था। इसके बावजूद कुछ लोगों को यह लग रहा था कि बिना टेस्ट किए कॉस्मेटिक खरीदना रिस्की है। लोग क्वालिटी चेक करने के बाद ही प्रोडक्ट खरीदना चाहते थे। इस बात को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने 2015 में अपना पहला ऑफलाइन स्टोर खोला। यह फैसला सही साबित हुआ और इस वजह से ऑफलाइन स्टोर पर कस्टमर्स की संख्या बढ़ने लगी। कंपनी मुनाफे में रही, फिर देखते ही देखते कंपनी के 60 से ज्यादा स्टोर देशभर में खुल गए। कटरीना और आलिया ने लगाया पैसा कटरीना कैफ और आलिया भट्ट ने भी 'नायका' में पैसा लगाया है। फाल्गुनी नायर ने एक इंटरव्यू में बताया था कि आलिया ने तीन बातों की वजह से 'नायका' में निवेश किया था। पहला- यह एक इंडियन प्लेटफॉर्म था। दूसरा- इसकी शुरुआत एक महिला ने की है और तीसरा उन्हें यकीन था कि 'नायका' भारत का एक ऐसा ब्रांड बनेगा, जो इंटरनेशनल ब्रांड को टक्कर देगा। ​​​​​ कटरीना ने अपने ब्यूटी ब्रांड 'KayBeauty' को भी 'नायका' से लाॅन्च किया था। आलिया और कटरीना ने कंपनी में कितना पैसा लगाया है, इसका खुलासा नहीं हो सका। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कटरीना ने 22 करोड़ रुपए और आलिया भट्ट ने 54 करोड़ निवेश किए हैं। 3 सीईओ ने दिया इस्तीफा एक तरफ नायका कंपनी सफलता की नई ऊंचाइयों की तरफ बढ़ रही थी, वहीं दूसरी तरफ उनके साथ नया विवाद जुड़ रहा था। फाल्गुनी को न तो ब्यूटी इंडस्ट्री की ज्यादा जानकारी थी और न ही ई-कॉमर्स इंडस्ट्री की। इस वजह से उनका सफर आसान नहीं था। चुनौतियों का आलम यह था कि शुरुआती चार साल में उनके तीन चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर्स ने इस्तीफा दे दिया था। नायका का इन्वेंट्री मॉडल बनाता है इसे खास नायका कंपनी का इन्वेंट्री मॉडल इसे अपने कॉम्पिटिटर कंपनियों से अलग बनाता है। इस बिजनेस मॉडल के तहत 'नायका' पहले प्रोडक्ट्स को ब्रांड या डिस्ट्रीब्यूटर से खुद खरीदती है। उसके बाद अपने कस्टमर्स को बेचती है। ऑनलाइन बिजनेस में ज्यादातर कंपनियां मार्केट प्लेस मॉडल पर काम करती हैं, जहां सेलर्स प्रोडक्ट्स को सीधे सेल करते हैं। इन्वेंट्री मॉडल की मदद से 'नायका' को किसी भी नकली आइटम से बचने में मदद मिलती है। इसके अलावा कंपनी ने अपने मार्केटिंग के जरिए कटरीना कैफ और आलिया भट्ट जैसी सेलिब्रिटीज को अपनी कंपनी के साथ जोड़ा है। इससे कंपनी की विश्वसनीयता यानी क्रेडिबिलिटी और बढ़ गई है। कॉस्मेटिक कंपनी लॉरियल ने लगाया आरोप नवंबर 2019 में, फ्रांसीसी कॉस्मेटिक दिग्गज, लॉरियल ने कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप लगाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में एक मुकदमा दायर किया था। लॉरियल का आरोप था कि नायका कंपनी ने उनका आइडिया चुराया है। ऐसा एक नहीं कई बार हुआ है। इसके बाद नायका और लॉरियल के बीच एक समझौता होता है। लॉरियल नायका के आर्टवर्क को मंजूरी देती है। इसके बाद तय होता है कि दोनों ही कंपनी एक-दूसरे के खिलाफ कोई बात नहीं करेंगी। यहीं नहीं, कंपनी के खराब वर्क कल्चर को लेकर भी कई तरह के सवाल समय-समय पर उठाए गए। नायका ने खुद को सुधारा, अपने कामकाज के तरीके में कई बदलाव किए। ब्रांडिंग से लेकर प्रोडक्ट को तैयार करने तक में इनोवेशन और रिसर्च के तरीके बदले। मां के बिजनेस से जुड़ने के लिए बेटी ने भी छोड़ी जॉब संजय और फाल्गुनी के दो बच्चे हैं- अद्वैता और अंचित। कंपनी को और आगे ले जाने का काम फाल्गुनी नायर की बेटी अद्वैता कर रही हैं। अद्वैता इस समय 'नायका फैशन' की सीईओ हैं। उन्होंने अमेरिका के येल विश्वविद्यालय से एप्लाइड गणित में बैचलर ऑफ आर्ट्स की डिग्री ली है। फिर उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से MBA किया है। पढ़ाई पूरी करने के बाद अद्वैता अमेरिका में बेन एंड कंपनी में बतौर कंसल्टेंट काम कर रहीं थीं। जब उनकी मां ने 2012 में कंपनी शुरू करने का फैसला किया तब अद्वैता ने जॉब छोड़ दी और नायका से जुड़ गईं। *** ग्राफिक्स- अजीत सिंह
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