मैं भी खेलना चाहता था..छलका यशस्वी के भाई का दर्द, 17 की उम्र में छोड़ा था..

1 year ago 17
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जायसवाल भाई मुंबई आए थे ताकि वे टीम इंडिया की जर्सी पहनने का सपना पूरा कर सकें लेकिन सपनों के इस शहर में जिंदा रहने की चुनौतियों का सामना करना उनके लिए कठिन था. उनमें से एक को परिवार की जिम्मेदारी उठानी थी और तेजस्वी ने यह जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली. 17 साल की उम्र में तेजस्वी ने क्रिकेट छोड़ दिया और दिल्ली में एक सेल्समैन के रूप में काम करना शुरू कर दिया. वह यशस्वी को पॉकेट मनी भेजते थे और अपनी बहनों की शादी भी करवाई.
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