लॉर्ड्स टेस्ट मैच के अंतिम दिन भारतीय टीम को कुल 135 रन बनाने थे और उनके पास 6 विकेट थे पर वो मंजिल तक नहीं पहुंच पाए. इस मैच में मिली हार ने 28 साल पहले वेस्टइंडीज में मिली बारबाडोस टेस्ट की याद दिला दी जिसमें सचिन तेंदुलकर कप्तान थे. तब भारतीय टीम को जीत के लिए 120 रन बनाने थे और 81 रन पर वह आलआउट हो गई थी. सचिन उस मैच को अपने करियर का सबसे खराब दिन मानते है.