सीरिया की कवरेज के पहले दिन भास्कर रिपोर्टर वैभव पलनीटकर राजधानी दमिश्क की सुबह देखने निकले। दिन शुक्रवार था। इस दिन छुट्टी होती है, इसलिए सड़कों पर चहल-पहल कम दिखी। वैभव ने लोगों से पूछा कि असद सरकार गिरने पर वे क्या सोचते हैं। कुछ बच्चों से भी मिले। इसी दौरान असद सरकार को हराने वाले संगठन हयात तहरीर अल शाम (HTS) के एक लड़ाके से मुलाकात हो गई। ऊपर वीडियो पर क्लिक करके देखिए लड़ाके ने क्या कहा... ................................ कैसे खत्म हुआ बशर-अल-असद का राज, इस ग्राफिक में पढ़िए ................................. सीरिया के तख्तापलट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें
लोग बोले- असद सरकार का गिरना सपने जैसा, भारत की मुश्किलें बढ़ेंगी 8 दिसंबर को विद्रोही लड़ाकों की फौज सीरिया की राजधानी दमिश्क में घुसी। तभी खबर आई कि राष्ट्रपति बशर अल-असद देश छोड़कर भाग गए हैं। लोग जश्न मनाने लगे। बोले- ये सपने की तरह है। सीरिया में तानाशाही चल रही थी। अब हर कोई खुश दिख रहा है। हालांकि, एक्सपर्ट मानते हैं कि सीरिया में बदलाव का असर भारत समेत दूसरे देशों पर भी होगा। भारत के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पढ़ें पूरी खबर...