सीरिया की राजधानी दमिश्क के सबसे बड़े चौराहे उमय्यद स्क्वायर पर आजादी के नारे गूंज रहे हैं। 8 दिसंबर को राष्ट्रपति बशर-अल-असद के देश छोड़कर भागने के बाद इसी चौराहे पर जश्न मना था। लोगों ने कहा कि अब सीरिया आजाद है, लेकिन दमिश्क की महिलाएं अब भी मानती हैं कि ये आजादी अधूरी है। वे आराम से जीना चाहती हैं। बच्चियां स्कूल जाना चाहती हैं। वीडियो में देखिए क्या है उनकी मांग... ............................... सीरिया से ये वीडियो स्टोरी भी देखिए... 1. तानाशाह असद के देश छोड़ने पर क्या कह रहे लोग और HTS के लड़ाके सीरिया की कवरेज के पहले दिन भास्कर रिपोर्टर वैभव पलनीटकर राजधानी दमिश्क की सुबह देखने निकले। दिन शुक्रवार था। इस दिन छुट्टी होती है, इसलिए सड़कों पर चहल-पहल कम दिखी। वैभव ने लोगों से पूछा कि असद सरकार गिरने पर वे क्या सोचते हैं। इसी दौरान असद सरकार को हराने वाले संगठन हयात तहरीर अल शाम (HTS) के एक लड़ाके से मुलाकात हो गई। वीडियो देखिए... 2. कैसे असद आर्मी ने बर्बाद किया शहर, बच्चे बोले- पैदा हुए तो बम बरस रहे थे सड़क पर खड़े होकर जहां तक नजर जाती है, सिर्फ टूटी इमारतें दिखती हैं। ये सीरिया की राजधानी दमिश्क से करीब 7 किमी दूर बसा अल यारमुक शहर है। 14 साल पहले तक खुशहाल था, अब किसी भुतहा शहर की तरह दिखता है। यहां मिले बच्चे बताते हैं कि जब वे पैदा हुए, तब भी बम बरस रहे थे। असद आर्मी ने टैंकों से हमारे घर तोड़ दिए। वीडियो देखिए...