दरअसल सेलेक्टर्स यह देखना चाहते थे कि टेस्ट कप्तान के रूप में शुभमन गिल का प्रदर्शन कैसा रहता है और क्या वे दबाव झेलने में सक्षम हैं. क्या वे इंग्लैंड में मुश्किल परिस्थितियों में रन बना सकते हैं और आत्मविश्वास के साथ टीम का नेतृत्व कर सकते हैं? इंग्लैंड उनकी परीक्षा थी और अब जब उन्होंने इसे अच्छे अंकों से पास कर लिया है, तो चयनकर्ता आगे चलकर गिल को भारत के सभी फ़ॉर्मेट के कप्तान के रूप में लेकर आश्वस्त हैं.