शुभमन गिल ने इस बदलाव की आवाज़ उठाई है, पहले प्रेस कॉन्फेंस में स्पोर्टिंग पिच की बात कहकर और पिर वेस्टइंडीज़ के खिलाफ पहले टेस्ट में तीन तेज़ गेंदबाज़ों को खेलने की हिम्मत दिखाकर. यह न केवल उनकी सोच की गहराई को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि क्रिकेट अब सिर्फ स्पिनरों की मोहताज नहीं रह गई है. गिल की इस मांग ने अहमदाबाद के मैदान को एक नया आयाम दिया है, जहाँ भारतीय पिचों तेज़ गेंदबाज़ी की ताक़त भी सामने आए.