सूत्रों की मानें तो ब्रिसबेन के बाद मेलबर्न और उसके बाद टीम को सिडनी जाना था जहां पर अश्विन का खिलाया जा सकता था क्योंकि ये हर कोई जानता है कि सिडनी में स्पिन फ्रेंडली पिच होती है पर शायद अश्विन के मन में शंका थी कि सिडनी में भी कहीं उनको ड्रॉप कर दिया गया तो वे अपनी नज़रों में गिर जाएँगे. इसी डर ने अश्विन को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया .