साहिबजादा फरहान और हैरिस रउफ पर लग सकता है बैन, ICC में दर्ज हुई शिकायत

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क्रिकेट को हमेशा से खेलभावना और सज्जनता का प्रतीक माना गया है लेकिन जब खिलाड़ी मैदान पर बंदूक चलाने की नकल करें, तो यह खेल से ज्यादा हिंसा और कट्टरता का प्रतीक बन जाता है.  भारत-पाकिस्तान मैच पहले ही तनाव और भावनाओं से भरे होते हैं. ऐसे में बंदूक जैसे प्रतीकों का इस्तेमाल कहीं न कहीं आग में घी डालने जैसा है. 
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