दुनिया को मिली पहली मिस AI:भारत के पास होगा स्पेस स्टेशन, चीन में AI हॉस्पिटल की शुरुआत; 2024 की टॉप टेक्नोलॉजी

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टेक्नोलॉजी के लिहाज से साल 2024 आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस के नाम रहा। इसी साल दुनिया में पहली बार एआई कानून आया। पहली बार किसी व्यक्ति के दिमाग में न्यूरालिंक लगाया गया। इसी साल दुनिया को पहली मिस एआई भी मिली। बिना स्टीयरिंग वाली रोबोटैक्सी लॉन्च हुई। वहीं डिजिटल अरेस्ट जैसे कुछ बड़े फ्रॉड भी हुए। जानिए उन टेक्नोलॉजी के बारे में जो नए ट्रेंड लेकर आईं… एपल विजन प्रो को मिला इनोवेशन ऑफ द ईयर अवॉर्ड पॉपुलर साइंस ने एपल विजन प्रो को इनोवेशन ऑफ द ईयर का अवॉर्ड दिया गया। एपल का विजन प्रो एआर और वीआर टेक्नोलॉजी के साथ आता है। जो यूजर के सामने असल दुनिया को वर्चुअल दुनिया के साथ मिक्स करके पेश करता है। डिजिटल कंटेट के साथ ऐसी बातचीत की सुविधा देता है, जिससे यूजर को लगता है कि फिजिकली मौजूद है। इसमें मल्टी टच इंटरफेस और 3डी कैमरा है। यह आसपास के स्पेस में 3डी एक्सीपीरिएंस देता है। गूगल का साइंस एआई अल्फाफोल्ड 3 गूगल ने अल्फाफोल्ड 3 नाम का एक नया टूल बनाया है। यह टूल वैज्ञानिकों को फ्री में दिया गया है जिससे इसका इस्तेमाल नई दवाइयां खोजने में किया जा सके। इसकी मदद से यह पता लगाया जा सकता है कि मोलिक्यूल की बनावट क्या है और आपस में ये कैसे काम करते हैं। अल्फाफोल्ड-3 प्रोटीन की 3D संरचना का सटीक अनुमान लगाता है। यह विज्ञान के क्षेत्र में एक रिवॉल्यूशनरी कदम है। इससे पहले संरचनाओं को समझने में सालों लगते थे। अब यह काम कुछ ही घंटों में हो सकता है। टेस्ला की बिना स्टीयरिंग वाली रोबो टैक्सी इस साल टेस्ला ने बिना स्टेयरिंग वाली पहली रोबो टैक्सी लॉन्च की है। इस रोबोटैक्सी का नाम ‘साइबरकैब’ है। यह एक ऑटोनॉमस व्हीकल है। इसमें ना स्टीयरिंग है और न पैडल। इसमें 2 सीट है। रोबोटैक्सी बुलेटप्रूफ है। लॉन्च करने से पहले पॉइंट 45 कैलिबर टॉमी गन, एक हैंडगन, एक सबमशीन गन से हमला कर इसकी टेस्टिंग की गई थी। इसके साथ ही इलॉन मस्क ने साइबरट्रक को भी लॉन्च किया है। एआई आर्ट का जादू, 8.8 करोड़ में बिकी पेंटिंग साल 2024 में एआई की टेक्नोलॉजी ना सिर्फ विज्ञान बल्कि आर्ट में भी कमाल करके दिखाया है। न्यूयॉर्क में एक ह्यूमन-नाइट रोबोट Ai-Da ने AI का इस्तेमाल करके इंग्लिश मैथमेटिशियन एलन ट्यूरिंग का पोट्रेट बनाया। खास बात ये है कि न्यूयॉर्क में इस पेंटिंग की नीलामी 1.08 अमेरिकी डॉलर (लगभग 8.8 करोड़ रुपए) में हुई । अब तक एआई आर्ट की यह सबसे बड़ी कीमत है। दुनिया का सबसे पतला फोल्डेबल फोन हॉनर मैजिक वी 3 दुनिया का सबसे पतला फोल्डेबल स्मार्टफोन है। फोल्ड होने पर इस फोन की मोटाई केवल 9.2 मिलीमीटर और वजन 226 ग्राम है। यह एआई के फीचर्स को सपोर्ट करता है। इस साल सैमसंग, मोटोरोला सहित कई कंपनियों ने एआई फोन लॉन्च किए। गूगल का वीडियो बेस्ड सर्च ऑप्शन अक्टूबर में गूगल ने सर्च के लिए वीडियो बेस्ड फीचर लॉन्च किया है। इसमें यूजर्स वीडियो अपलोड कर गूगल से रिलेटेड सवाल पूछ सकते हैं। जवाब एआई से मिलेगा। ओपन एआई के जीपीटी-40 से सर्च हिस्ट्री की सुविधा मई में ओपन एआई ने चैट जीपीटी में इंटीग्रेशन के लिए जीपीटी-40 एआई मॉडल लॉन्च किया। इसका रिस्पॉन्स और कन्वर्सेशन टोन बेहतर है। यह सर्च हिस्ट्री याद रखता है। भारत की पहली एआई टीचर आइरिस भारत की पहली एआई टीचर है। इसी साल मार्च में तिरुवनंतपुरम के केटीसीटी हायर सेकेंडरी स्कूल और मेकरलैब्स एडुटेक ने बनाया था। यह एक ह्यूमनॉइड रोबोट है और साड़ी पहनती है। आइरिस नीति आयोग की योजना का हिस्सा है। जिसका उद्देश्य शिक्षा में नया तरीका लाना है। आइरिस तीन भाषाएं समझती है। दुनिया की पहली मिस एआई केन्जा लेली दुनिया का पहला 'मिस एआई' कॉन्टेस्ट का 2024 में हुआ। कॉनटेस्ट में 1500 से अधिक एआई-जनरेटेड मॉडल्स ने हिस्सा लिया। इस कॉन्टेस्ट में मोरक्को की वर्चुअल इंफ्लुएंसर केन्जा लेली को 'मिस एआई' का खिताब मिला। केन्जा को मायरीम बेसा ने बनाया है। वह फीनिक्स एआई एजेंसी के फाउंडर हैं। केन्जा को अवॉर्ड में 5 हजार डॉलर मिले। टेक्नोलॉजी की वो खबरें जिसने किया हैरान 2024 में दुनिया का पहला एआई कानून लागू हुआ और साइबर फ्रॉड ने सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए… सबसे बड़ा फ्रॉड डिजिटल अरेस्ट साल 2023 के मुकाबले साल 2024 में साइबर फ्रॉड के मामलों में इजाफा हुआ है। इस साल डिजिटल अरेस्ट के मामले भी तेजी से बढ़े। सिर्फ चार महीनों में भारतीयों ने डिजिटल अरेस्ट होकर 120 करोड़ रुपए गंवा दिए। साल 2023 में साइबर फ्रॉड के 75,800 मामले दर्ज हुए थे, वहीं 2024 में ये बढ़कर 2,92,800 हो गए। साथ ही, इससे होने वाला नुकसान भी बढ़ा है। 2023 में 421.4 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था, जो 2024 में बढ़कर 2,054.6 करोड़ रुपए हो गया। पहली बार लागू हुआ एआई कानून दुनिया में पहली बार यूरोपीय संघ ने एआई एक्ट पेश किया । इस कानून में एआई से जुड़े जोखिमों के बारे में बताया है। इसका मकसद नैतिक सुरक्षा उपायों के साथ इनोवेशन को बैलेंस करना है। इसे मार्च 2024 में यूरोपीय संसद ने पारित किया गया था और 1 अगस्त 2024 को लागू हुआ। सबसे बड़ा शटडाउन, दुनिया के 95 प्रतिशत कंप्यूटर बंद हुए 19 जुलाई को माइक्रोसॉफ्ट के ऑपरेटिंग सिस्टम में खराबी की वजह से दुनिया रुक गई थी। अमेरिका से ऑस्ट्रेलिया तक काम ठप पड़ गया था। इस दौरान न्यूज चैनल की ब्रॉडकास्टिंग भी रूक गई थी। बैंकिग से लेकर लंदन स्टॉक एक्सचेंज तक सेवाएं बाधित हो गई थीं। दुनिया भर के लाखों विंडोज यूजर्स को ब्लू स्क्रीन ऑफ डेथ का सामना करना पड़ा। दुनिया के 95 प्रतिशत कंप्यूटर बंद हो गए थे। यह समस्या क्राउडस्ट्राइक अपडेट के वजह से हुई थी। भारत के पास होगा खुद का स्पेस स्टेशन इस साल यह तय हुआ कि भारत 2035 तक खुद का स्पेस स्टेशन बनाएगा। जिसे 'भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन' कहा जाएगा। इसे लेकर इसरो और डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी ने इस साल एक समझौता किया है। यह अंतरिक्ष और बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नए युग की शुरुआत करेगा। जीवन बचाने वाले रोबोट और गैजेट साल 2024 में एआई ने साइंस, हेल्थ और टेक्नोलॉजी में नए आयाम जोड़े। मानव दिमाग में न्यूरालिंक लगाकर ये साबित किया कि एआई का कमाल अभी बाकी है। पहली बार इंसानी दिमाग में इंप्लांट किया गया न्यूरालिंक इलॉन मस्क की कंपनी न्यूरालिंक ने पहली बार किसी इंसान के दिमाग में चिप लगाया है। ये चिप 28 जनवरी को 29 साल के नोलैंड आर्बॉघ के दिमाग में लगाया गया। एक दुर्घटना के बाद आर्बॉघ का आधा शरीर लकवाग्रस्त हो गया था। इलॉन मस्क के स्टार्टअप न्यूरालिंक ने इंसान के दिमाग में सर्जरी के जरिए चिप इम्प्लांट किया। यह डिवाइस एक छोटे सिक्के के आकार की है, जो द्वामन ब्रेन और कंप्यूटर के बीच सीधे कम्युनिकेशन चैनल बनाता है। ये डिवाइस कंप्यूटर, मोबाइल फोन या किसी अन्य उपकरण को ब्रेन एक्टिविटी (न्यूरल इम्पल्स) से सीधे कंट्रोल करने में सक्षम करता है। चीन में 14 एआई डॉक्टर्स के साथ एआई अस्पताल की शुरुआत चीन ने दुनिया का पहला एआई-बेस्ड हॉस्पिटल बनाया है। यहां मरीजों का इलाज रोबोट करेंगे। हॉस्पिटल का नाम 'एजेंट हॉस्पिटल' रखा गया है। इसे शिंपुआ यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने तैयार किया है। इस हॉस्पिटल में 14 एआई डॉक्टर्स और 4 नर्स हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग की मदद से जटिल मेडिकल प्रक्रियाओं को सरल और सटीक बनाया जाएगा।
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