प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में हरियाणा में एलआईसी की बीमा सखी योजना लॉन्च की है। इस योजना का हिस्सा बनने वाली महिलाओं को बीमा सखी कहा जाएगा। इन महिलाओं को तीन साल की ट्रेनिंग दी जाएगी। तीन साल बाद ‘बीमा सखी’ एलआईसी बीमा एजेंट के रूप में काम कर सकेंगी। सरकारी कंपनी एलआईसी साल 1956 से बीमा कर रही है और देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी है। एलआईसी के देश भर में 2 हजार से ज्यादा ऑफिस और 13.5 लाख एजेंट हैं। इस कंपनी का बिजनेस 8.5 लाख करोड़ से ज्यादा का है। मेगा एंपायर में आज कहानी 68 साल पुरानी देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी एलआईसी की - 1870 से पहले भारत में केवल अंग्रेजों का बीमा होता था
1818 में भारत में पहली इंश्योरेंस कंपनी आई। नाम था ओरिएंटल लाइफ इंश्योरेंस। ये कंपनी केवल अंग्रेजों का ही इंश्योरेंस करती थी। साल 1870 में पहली भारतीय बीमा कंपनी की स्थापना हुई। नाम था बॉम्बे म्यूचुअल लाइफ इंश्योरेंस सोसाइटी। इस कंपनी ने भारतीयों का बीमा करना शुरू किया। 1886 तक देश में कई बीमा कंपनी आ गईं। 1956 में 245 कंपनियों के मर्जर से बनी एलआईसी
19 जून 1956 को संसद में लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन एक्ट पारित हुआ। तब तक भारत में 154 लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, 16 विदेशी कंपनी और 75 प्रोविडेंट फंड कंपनी थीं। 1 सितंबर 1956 को सरकार ने सभी 245 कंपनियों का राष्ट्रीयकरण कर एक नई कंपनी बनाई। कंपनी का नाम रखा गया LIC यानी लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया। तब सरकार ने 5 करोड़ रुपए इस कंपनी के लिए जारी किए थे। एलआईसी ने पहले ही दिन बनाया रिकॉर्ड
सरकारी कंपनी एलआईसी ने पहले दिन रिकॉर्ड बनाया। एलआईसी का नाम सबसे ज्यादा कर्मचारियों वाली कंपनी में शामिल हो गया। दरअसल, 245 कंपनियों के मर्जर के बाद जब एलआईसी बनी तो इसमें 27 हजार कर्मचारी थे। 50 लाख पॉलिसी रिकॉर्ड में थीं। एलआईसी की ग्रोथ में विज्ञापन का बड़ा रोल
एलआईसी की ग्रोथ के पीछे उसके विज्ञापन का बड़ा रोल था। एलआईसी के विज्ञापन की टैग लाइन हर किसी को आज भी याद है। साल 1970 में विज्ञापन प्रिंट माध्यम से ही दिखाए जाते थे। इस दौरान एलआईसी का एक विज्ञापन आया। इसमें दो हाथों के बीच एक बच्चे की तस्वीर थी। बच्चे को आपकी प्रोटेक्शन महसूस करने दें। फिर दौर आया ऑडियो-विजुअल मीडियम का। साल 1980 में दूरदर्शन में एलआईसी का विज्ञापन आया जिसकी टैगलाइन लोगों के जेहन में बैठ गई। इस विज्ञापन से लोगों के बीच कंपनी ने संदेश दिया कि लाइफ इंश्योरेंस मतलब LIC। विज्ञापन की टैगलाइन थी- रोटी, कपड़ा, मकान और जीवन बीमा। साल 1990 में एलआईसी का दिल छू लेने वाले विज्ञापन आए। जिनकी टैगलाइन थी 'न चिंता, न फिकर' और 'जिंदगी के साथ भी, जिंदगी के बाद भी'। एलआईसी एजेंट ने हर वर्ग के लोगों तक पहुंचाई पॉलिसी
शुरुआत में एलआईसी का सफर आसान नहीं था। हर वर्ग के लोगों तक पॉलिसी पहुंचाने के लिए एजेंट को पापड़ बेलने पड़े। लोगों को पॉलिसी और इसके फायदे समझाने के लिए कभी बैलगाड़ी तो कभी साइकिल और मोटरसाइकिल से एलआईसी एजेंट गांव-गांव पहुंचते थे। कई जगह तो एलआईसी एजेंट पैदल भी जाया करते थे। ये एजेंट केवल एलआईसी के कर्मचारी नहीं बल्कि परिवार की सदस्य की तरह लोगों को सलाह देते थे। इससे लोगों का एलआईसी पर भरोसा बढ़ गया। कागजी कार्रवाई में एलआईसी एजेंट पॉलिसीधारकों की हर संभव मदद करते थे। पाकिस्तान की GDP से दोगुनी एलआईसी की संपत्ति
5 करोड़ रुपए से 68 साल पहले शुरू एलआईसी की प्रबंधन के तहत कुल संपत्ति (AUM-Assets Under Management) अब 50 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है। साल 2024 में एलआईसी का AUM 16.48% बढ़कर 51.21 लाख करोड़ रुपए ($616 बिलियन) हो गया है। 2023 में यह 43.97 लाख करोड़ रुपए था। यह रकम पड़ोसी देश पाकिस्तान की जीडीपी से लगभग डबल है। पाकिस्तान की जीडीपी केवल 28.7 लाख करोड़ (338.24 बिलियन डॉलर) है। इस लिहाज से देखें तो एलआईसी का AUM तीन पड़ोसी देश- पाकिस्तान (28.7 लाख करोड़), नेपाल (3.75 लाख करोड़) और श्रीलंका (6.35 लाख करोड़) की संयुक्त जीडीपी से भी बड़ा है। सरकार मुश्किल में फंसती है तो एलआईसी की मदद लेती है
सरकार जब किसी भी तरह की मुश्किल में फंसती है तो एलआईसी से मदद लेती है। साल 2015 में ONGC के IPO के वक्त LIC ने करीब 10 हजार करोड़ रुपए लगाए थे। 2019 में कर्ज से जूझ रहे IDBI बैंक को उबारने में भी एलआईसी ने मदद की थी। दो साल पहले एलआईसी शेयर की मार्केट में एंट्री
साल 2022 में सरकार ने LIC में अपनी 3.5% हिस्सेदारी बेची थी। इसके लिए करीब 21 हजार करोड़ रुपए का IPO लाया गया था। यह भारतीय शेयर बाजार इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ था। लिस्टिंग के बाद से लेकर अब तक इसने निवेशकों को 28.43 फीसदी रिटर्न दिया है। ****** रिसर्च-प्रेरणा सागर ------------------------------------ अन्य मेगा एंपायर भी पढ़िए... 1. हैवेल्स का रेवेन्यू 18 हजार करोड़:10 हजार रुपए से शुरुआत; आज 50 देशों में बिजनेस राहुल की नींद खुली, बिस्तर में लेटे-लेटे ही रिमोट से पंखा बंद कर दिया। वॉइस कमांड देकर बाथरूम में लगा गीजर ऑन किया। वो जब घर लौटा, तो स्मार्ट एयर प्यूरीफायर मीटर ने बताया कि एयर क्वालिटी खराब है। राहुल ने तुरंत स्मार्ट प्यूरीफायर ऑन किया। राहुल की जिंदगी में ये इनोवेशन लाने वाली कंपनी का नाम हैवेल्स है। हैवेल्स फास्ट मूविंग इलेक्ट्रिकल गुड्स (FMEG) कंपनी है। पूरी खबर पढ़े... 2. मुनाफे में चलती कंपनी बेच देते हैं अजय पीरामल:मर्जर किंग के नाम से मशहूर है पीरामल ग्रुप के चेयरमैन अजय गोपीकिशन पीरामल अपने कारोबारी फैसलों के लिए जाने जाते हैं। एक सफल बिजनेसमैन के तौर पर अजय पीरामल ने अपने ग्रुप को बीते 4 दशक में नई ऊंचाई पर पहुंचाया है। ग्रुप का कारोबार 30 से ज्यादा देशों में है। फोर्ब्स के अनुसार अजय पीरामल की नेटवर्थ 30 हजार करोड़ से अधिक की है। उन्हें मर्जर किंग भी कहा जाता है। पूरी खबर पढ़े...